Goverment Teacher Without TET: भारत में सरकारी टीचर बनने का सपना देखने वाले लाखों उम्मीदवारों के लिए TET और CTET को सबसे अहम परीक्षा माना जाता है. प्राइमरी और अपर प्राइमरी क्लास को पढ़ाने के लिए इन परीक्षाओं को क्वालीफाई करना जरूरी है. लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि कुछ ऐसे पद भी हैं, जहां बिना TET या CTET के भी सरकारी टीचर बनने का मौका मिल सकता है. दरअसल, कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाने वाले पदों के लिए नियम अलग हो सकते हैं, जो उम्मीदवारों के लिए नए अवसर खोलते हैं.
PGT पद: बिना TET भी मिल सकता है मौका
पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के पदों के लिए कई बार TET या CTET जरूरी नहीं होता है. ये टीचर्स आमतौर ओर कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाते हैं. इन पदों के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन और बीएड (B.Ed) की डिग्री होना जरूरी होता है. इसमें सिलेक्शन आमतौर पर लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए होता है.
राज्य और संस्थान के अनुसार बदलते हैं नियम
सरकारी नौकरियों में नियम राज्य सरकारों और भर्ती करने वाली संस्थाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. कुछ राज्यों में PGT पदों के लिए भी TET जरूरी किया जा सकता है, जबकि कई जगहों पर यह अनिवार्य नहीं होता. इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन से पहले संबंधित भर्ती नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ना चाहिए.
इन संस्थानों में भी अवसर
केंद्रीय विद्यालय (KVS), नवोदय विद्यालय (JNV) और कुछ दूसरे सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्थानों में भी PGT पदों के लिए TET अनिवार्य नहीं होता. यहां सब्जेक्ट नॉलेज, टीचिंग स्किल्स और इंटरव्यू के आधार पर सिलेक्शन किया जाता है. यह उन उम्मीदवारों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है, जो TET पास नहीं कर पाए हैं.
जरूरी योग्यता और तैयारी
भले ही TET जरूरी न हो, लेकिन उम्मीदवार के पास मजबूत एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और विषय पर अच्छी पकड़ होना जरूरी है. इसके साथ ही बीएड डिग्री और टीचिंग एक्सपीरियंस होने पर चयन की संभावना बढ़ जाती है. इस दौरान कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी और इंटरव्यू स्किल्स भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
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