जिनके नाम वोटर लिस्ट से कट गए हैं उनका बंगाल में क्या होगा, क्या वापस भेजे जाएंगे?

AI फोटो. जिनके नाम वोटर लिस्ट से कट गए हैं उनका बंगाल में क्या होगा, क्या वापस भेजे जाएंगे?


बंगाल में अब घुसपैठियों की खैर नहीं. क्यों कि टीएमसी नहीं अब बीजेपी आ गई है.  घुसपैठियों पर तो सख्त से सख्त कार्रवाई होना तय है. इस बात का संकेत पीएम मोदी ने अपने विजय भाषण में दे दिया है. 4 मई को बंगाल समेत तीन राज्यों में बीजेपी की जीत के बाद बीजेपी मुख्यालय में पीएम मोदी ने साफ-साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि घुसपैठियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी.
बता दें कि अवैध घुसपैठ बंगाल में बड़ा मुद्दा रहा है. ये कहना गलत नहीं होगा कि बीजेपी ने इस मुद्दे के सहारे भी बंगाल में ममता के किले को उखाड़ फेंका है.  

बंगाल में अब घुसपैठियों का क्या होगा?

बंगाल एसआईआर में बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए. बीजेपी नेताओं ने 50 लाख से ज्यादा ऐसे ना हटाए जाने का दावा किया था. टीएमसी इस मुद्दे पर बीजेपी पर हमलावर भी रही. ममता बनर्जी ने बीजेपी पर जमकर आरोप लगा. लेकिन बंगाल की जनता ने ममता को नहीं बल्कि बीजेपी को चुना है. एसआईआर में नाम काटे जाने के बाद से ही ये सवाल उठ रहे थे कि जिन बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं उनका क्या होगा, क्या उनको बंगाल से वापस भेजा जाएगा. 

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बंगाल में घुसपैठियों पर हमलावर बीजेपी

अवैध रूप से बंगाल में रह रहे ये लोग वापस भेजे जाएंगे या नहीं ये तो अब तक साफ नहीं है लेकिन उनको बख्शा नहीं जाएगा, ये तो पीएम मोदी ने बता दिया है. एक्शन क्या होगा ये आगे पता चलेगा. बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी घुसपैठियों को लेकर कुछ संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि  बंगाल के लोगों ने घुसपैठियों और उनके हितैषियों को ऐसा सबक सिखाया, जिसे तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली पार्टियां कभी नहीं भूल पाएंगी. इसके साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया कि  जिन उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ बंगाल ने पीएम मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया है, उनको निश्चित रूप से पूरा किया जाएगा. 

बंगाल में घुसपैठ बड़ा मुद्दा

पूर्व मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि घुसपैठ बंगाल के लिए एक बहुत बड़ा मुद्दा है. घुसपैठिए, महिलाओं की सुरक्षा, बाल विकास, और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, हर कदम पर समस्याएं हैं. इन समस्याओं से त्रस्त होकर ही बंगाल की जनता ने बीजेपी को चुना है. 

ममता को उनकी भवानीपुर सीट पर शिकस्त देने वाले बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव के वक्त ही दावा कर दिया था कि ममता बनर्जी नहीं जीतेंगी. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया था कि बंगाल वोटर लिस्ट से मृतक वोटर, फर्जी वोटर और घुसपैठियों के नाम हटा दिए गए हैं, जिसके बाद ममता के जीतने की संभावना नहीं है. 

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बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेशी नेता क्यों परेशान?

बता दें कि घुसपैठियों के मुद्दे पर देश में सालों से राजनीति होती आई है. बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल्स में बीजेपी की जीत के संकेत मिलते ही बांग्लादेश के सांसद अख्तर हुसैन परेशान हो उठे थे. उन्होंने डर जाते हुए कहा था कि अब बांग्लादेश में प्रवासियों का सैलाब उमड़ पड़ेगा. जिसके बाद ये कयास लगाए जाने लगे थे कि क्या अब बंगाल से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को वापस भेज दिया जाएगा. अब पीएम मोदी ने भी सख्त एक्शन के संकेत दे दिए हैं. बंगाल में बीजेपी की सरकार बनते ही घुसपैठियों पर क्या एक्शन होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं. 

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