सुवेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में 3 हिरासत में, दिव्येंदु बोले- सरकार बनते ही इंसाफ होगा

सुवेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में 3 हिरासत में, दिव्येंदु बोले- सरकार बनते ही इंसाफ होगा सुवेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में 3 हिरासत में, दिव्येंदु बोले- सरकार बनते ही इंसाफ होगा

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने 3 आरोपियों को हिरासत में लिया है. सुवेंदु अधिकारी के भाई दिव्येंदु अधिकारी ने एनडीटीवी से बातचीत में इसकी पुष्टि की है. दिव्येंदु ने कहा कि एक मां ने अपना बेटा खोया है. एक मां की गोद सूनी हुई है.  हम उन्हें निराश नहीं करेंगे. नई सरकार बनते ही इस मामले में उचित न्याय किया जाएगा. 

उन्होंने चंद्रनाथ की हत्या को सुनियोजित साजिश करार दिया और कहा कि सुवेंदु अक्सर उनके साथ रहते थे. कल भी शायद वह उनके साथ होते. उनका कहना था कि हम हरसंभव कदम उठाएंगे और एक मां को न्याय दिलाएंगे. 

दिव्येंदु ने चंद्रनाथ रथ को एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ इंसान बताया. उनका कहना था कि हम लंबे समय से उन्हें जानते थे. उन्होंने वर्षों तक भारतीय वायुसेना में सेवाएं दी थीं. उसके बाद सुवेंदु के साथ काम करने लगे थे. हम उनकी हत्या के मामले को यूं ही नहीं छोड़ेंगे, उनकी मां को पूरा इंसाफ दिलाएंगे. 

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इस बीच, जांच से पता चला है कि चंद्रनाथ की हत्या में जो मोटरसाइकिल इस्तेमाल हुई थी, उसका संबंध दक्षिण आसनसोल के बर्नपुर से पाया गया है. WB44D1990 नंबर की ये बाईक पश्चिम बर्धमान के आरटीओ ऑफिस में रजिस्टर्ड थी. सरकारी रिकॉर्ड में बाइक के ओनर का नाम विभाष कुमार भट्टाचार्य दर्ज है. उसके पिता का नाम बीबी भट्टाचार्य है. इस बाइक का 4 मई 2012 को रजिस्ट्रेशन कराया गया था.  

हालांकि जिस पते पर ये बाइक रजिस्टर्ड है, वहां जब जांच एजेंसियां पहुंची तो पता चला कि वहां विभाष भट्टाचार्य नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है. इस पते पर धर्मवीर नाम का व्यक्ति रहता है, जो बर्नपुर इस्को कारखाना में काम करता है. उसने बताया कि वह 2014 से इस क्वार्टर में रह रहा है और विभाष नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानता. 

याद दिला दें कि बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात उत्तर 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. चंद्रनाथ वायुसेना में सेवा देने के बाद सुवेंदु से जुड़े थे और उन्हें उनके सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों में से एक माना जाता था. वह करीब दो दशक से सुवेंदु के साथ थे. 

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