सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों में यह कहा जा रहा था कि चंडीगढ़ से शिमला जाने वाले पर्यटकों को ‘पहाड़ों की रानी’ तक पहुंचने में लंबे ट्रैफिक जाम और भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इन दावों की सच्चाई परखने के लिए एनडीटीवी की टीम ने खुद चंडीगढ़ से शिमला तक यात्रा कर वास्तविक स्थिति का जायजा किया. NDTV की टीम ने रास्ते के ट्रैफिक प्वाइंट्स का निरीक्षण किया, पर्यटकों से बातचीत की और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेकर पूरी स्थिति को समझने की कोशिश की.
शिमला के एक पार्किंग स्थल के प्रबंधक सतीश शर्मा ने बताया कि इस समय पर्यटकों की संख्या जरूर ज्यादा है. लेकिन हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और कहीं भी अत्यधिक भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस पूरे शहर में आवाजाही को सुचारु रूप से संभाल रही है. अहमदाबाद से आए कुछ पर्यटकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका सफर आरामदायक रहा. एक पर्यटक ने कहा कि वे दो दिन से शिमला में रुके हुए हैं और हाल ही में कुफरी से लौटे हैं. उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर एकतरफा ट्रैफिक जरूर था. लेकिन उसे अच्छी तरह मैनेज किया गया था.
एक अन्य पर्यटक सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रैफिक जाम के वीडियो देखे थे, लेकिन वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग थी. उन्होंने कहा कि उन्हें चंडीगढ़ से शिमला पहुंचने में सामान्य 3 से 4 घंटे ही लगे और कहीं भी लंबा जाम नहीं मिला. साथ ही एक महिला पर्यटक ने भी अपने अनुभव को सकारात्मक बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा बहुत सुखद रही और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था देखकर उन्होंने अब मनाली जाने की योजना बनाई है.
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने के कारण कुछ जगहों पर जाम जरूर लगता है. लेकिन यह आमतौर पर 10 से 15 मिनट तक ही सीमित रहता है, न कि घंटों तक जैसा कि कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है. शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि इस समय पर्यटन सीजन अपने चरम पर है और मैदानी इलाकों की गर्मी से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं. रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंच रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाएं पूरी तरह नियंत्रण में हैं.
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