अंतिम निर्णय लेने के लिए सिचुएशन रूम में बैठने जा रहा हूं: ईरान-अमेरिका डील पर ट्रंप का बड़ा बयान

अंतिम निर्णय लेने के लिए सिचुएशन रूम में बैठने जा रहा हूं: ईरान-अमेरिका डील पर ट्रंप का बड़ा बयान अंतिम निर्णय लेने के लिए सिचुएशन रूम में बैठने जा रहा हूं: ईरान-अमेरिका डील पर ट्रंप का बड़ा बयान

ईरान-अमेरिका के बीच डील को लेकर बहुत दिनों से चर्चा है. अब ट्रंप ने इस पर ऐलान कर दिया है. वो इस पर फैसला लेने के लिए सिचुएशन रूम में मीटिंग करने जा रहे हैं. इस बात की जानकारी खुद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रूथ पर दी. हालांकि, उन्होंने कई शर्तें भी ईरान पर थोप दी हैं. अब देखना है कि ईरान इस पर क्या जवाब देता है.

ट्रंप की पहली शर्त

ट्रंप ने लिखा, ‘ईरान को यह स्वीकार करना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएगा. होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल खोला जाना चाहिए, बिना किसी शुल्क के, दोनों दिशाओं में जहाज यातायात जारी रहेगा. यदि कोई समुद्र के अंदर बम मौजूद हैं, तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा. हमने अपने शक्तिशाली जलमग्न माइन्स सफाई यंत्रों से विस्फोट करके ऐसी कई माइन्स को हटा दिया है. ईरान बची हुई सभी माइन्स को तत्काल हटाएगा या नष्ट करेगा, जो कि बहुत कम होंगी!’

ट्रंप की दूसरी शर्त

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा, ‘हमारी अभूतपूर्व नौसैनिक नाकाबंदी के कारण जलडमरूमध्य में फंसे जहाज अब “घर लौटने” की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं! नाकाबंदी को हटाया जा रहा है. 11 महीने पहले हमारे शक्तिशाली बी2 बमवर्षक हमले के कारण लगभग ढह चुके पहाड़ों के नीचे दबी हुई एनरिच्ड मैटेरियल, जिसे कभी-कभी “परमाणु धूल” भी कहा जाता है, को संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ मिलकर निकालेगा और नष्ट कर देगा.’

और फिर तीसरी शर्त

अगली सूचना तक पैसों का लेन-देन नहीं होगा. अन्य कम महत्वपूर्ण बातों पर सहमति बन चुकी है. मैं अब अंतिम निर्णय लेने के लिए सिचुएशन रूम में बैठक कर रहा हूं. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!’

ईरान का अब तक का स्टैंड

इससे पहले ईरान के मुख्य वार्ताकार बागेर गालिबाफ ने पहले कहा था कि “दूसरी तरफ से कार्रवाई होने से पहले कोई कदम नहीं उठाया जाएगा,” जिससे संकेत मिलता है कि तेहरान अमेरिका की पहल का इंतजार कर रहा है. इस बात की कोई पुख्ता पुष्टि नहीं हुई है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने दस्तावेज को अपनी मंजूरी दे दी है. इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास चार जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलीबारी की, क्योंकि वे कथित तौर पर “बिना पूर्व समन्वय या अनुमति के” जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. यह जानकारी एक संबद्ध टेलीग्राम अकाउंट पर पोस्ट में दी गई है.

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