लग्जरी कार, वर्दी और रौब…सेना में डॉक्टर नहीं बन पाया तो फर्जी ब्रिगेडियर बनकर घूमने लगा, यूं पकड़ा गया | Fake Brigadier arrested in well planned operation by ex army man and police in Shahjahanpur

लग्जरी कार, वर्दी और रौब...सेना में डॉक्टर नहीं बन पाया तो फर्जी ब्रिगेडियर बनकर घूमने लगा, यूं पकड़ा गया | Fake Brigadier arrested in well planned operation by ex army man and police in Shahjahanpur लग्जरी कार, वर्दी और रौब...सेना में डॉक्टर नहीं बन पाया तो फर्जी ब्रिगेडियर बनकर घूमने लगा, यूं पकड़ा गया | Fake Brigadier arrested in well planned operation by ex army man and police in Shahjahanpur

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस ने एक फर्जी ब्रिगेडियर को गिरफ्तार किया है, जो वर्दी पहनकर घूम रहा था. उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस और आर्मी के पूर्व सैनिकों की मदद से ऑपरेशन चलाया गया था. उसके पास से फर्जी आईडी और ब्रिगेडियर की वर्दी बरामद हुई है. आरोपी के खिलाफ सदर बाजार थाने में केस दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है.

आरोपी युवक की पहचान आर्यन वर्मा के रूप में हुई है, जो टाटा हैरियर कार से घूम रहा था. उसे कब्जे में ले लिया है. वाहन पर सेना मुख्यालय (AHQ) का झंडा और अधिकारी स्तर की पहचान दर्शाने वाली प्लेट (वन-स्टार प्लेट) लगी हुई थी. कार में एक चालक और दो अन्य लोग सुरक्षा कर्मियों जैसे कपड़े पहने हुए थे.

एयर पिस्टल समेत ये सामान बरामद

इसके अलावा उसके पास से फर्जी पहचान पत्र, एयर पिस्टल, पीक कैप, एएमसी से संबंधित प्रतीक चिह्न, विजिटिंग कार्ड, स्टेथोस्कोप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पहचान पत्र तथा अन्य सामान भी बरामद हुआ है.

जब पास नहीं हो पाया तो पहनने लगा फर्जी वर्दी

आरोपी ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि वह उसका सपना सशस्त्र बलों की मेडिकल सेवा में डॉक्टर बनने का था. वह संबंधित परीक्षा पास नहीं कर पाया, लेकिन चयनित होने की जानकारी परिजनों को दे दी. फिर उसने ब्रिगेडियर जैसी फर्जी वर्दी जुटाकर पहनना शुरू कर दिया और खुद को ब्रिगेडियर बताने लगा.

आरोपी को पकड़ने के लिए ऐसे चलाया ऑपरेशन

पिछले लगभग दो महीनों से शाहजहांपुर और आसपास के क्षेत्रों में एक संदिग्ध व्यक्ति के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की वर्दी पहनकर घूमने की सूचनाएं मिल रही थीं. इन सूचनाओं के आधार पर स्टेशन मुख्यालय के प्रशासनिक कमांडेंट कर्नल जेएस जगलान ने स्थानीय पूर्व सैनिकों के साथ समन्वय स्थापित कर उसकी पहचान सत्यापित करने और उसे पकड़ने की योजना बनाई.

पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत आरोपी को स्थानीय विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. शाहिद संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने के बाद उसकी पहचान की पुष्टि की, जहां उसे साथियों के साथ पकड़ लिया. उसके दो साथी एनएसजी कमांडो जैसी वेशभूषा में थे. चालक के पास से भारत सरकार का एक पहचान पत्र भी बरामद हुआ है. स्टेशन मुख्यालय ने कहा कि यह कार्रवाई सेना और पूर्व सैनिकों की सतर्कता और आपसी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है.

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