कहां पैदा हुए थे भगवान हनुमान? हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला | hanuman birthplance dispute Tirumala vs hanumad teerth trust Karnataka high court explained

कहां पैदा हुए थे भगवान हनुमान? हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला | hanuman birthplance dispute Tirumala vs hanumad teerth trust Karnataka high court explained कहां पैदा हुए थे भगवान हनुमान? हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला | hanuman birthplance dispute Tirumala vs hanumad teerth trust Karnataka high court explained

नई दिल्ली:

हनुमान जी का जन्म कहां हुआ था? इसे लेकर कई सालों से विवाद है. हनुमान की जन्मभूमि को लेकर दो बड़े ट्रस्ट आपस में झगड़ रहे हैं. मामला हाई कोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. याचिकाकर्ता ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया.

हनुमान जन्मस्थली का विवाद सबसे पहले कर्नाटक हाई कोर्ट गया था. वहां इसका निपटारा हो चुका है. लेकिन अब इस मामले को फिर से हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए लिस्टेड किया है. इसी के खिलाफ याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. 

वकील विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, फिर उसे खुली अदालत में सुना दिया. अब अचानक इस मामले को फिर से सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया गया है. उन्होंने दलील दी कि एक बार फैसला सुनाए जाने के बाद अदालत का अधिकार क्षेत्र खत्म हो जाता है.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल इस मामले को हाई कोर्ट को ही देखने दें.

क्या है विवाद?

ये सारा विवाद 2021 में भगवान हनुमान के जन्मस्थान को लेकर अलग-अलग दावों के कारण शुरू हुआ. आंध्र प्रदेश के तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) और कर्नाटक के श्री हनुमद जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जन्मस्थान को लेकर अपना-अपना दावा किया था.

TTD का कहना था कि तिरुमाला की अंजनद्रि पहाड़ी भगवान हनुमान का जन्मस्थान है. TTD की एक्सपर्ट कमेटी ने इसके लिए पुराणों, शिलालेखों, पुरातात्विक साक्ष्यों और ऐतिहासिक स्रोतों का हवाला दिया था. TTD का दावा था कि सारे सबूत बताते  हैं कि तिरुमाला की अंजनद्रि पहाड़ियां ही भगवान हनुमान का जन्मस्थान है.

दूसरी तरफ, श्री हनुमद जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का दावा है कि कर्नाटक में हम्पी के पास स्थित अंजनद्रि पहाड़ी भगवान हनुमान का असली जन्मस्थान है. ट्रस्ट ने पौराणिक ग्रंथों के संदर्भों के आधार पर ऐसा दावा किया था.

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विवाद में तीसरा पक्ष भी

इस विवाद में एक तीसरा पक्ष भी है- कर्नाटक का रामचंद्रपुरा मठ. इसका तर्क था कि कर्नाटक के तट पर स्थित गोकर्ण ही वह जगह है, जहां भगवान हनुमान का जन्म हुआ था.

मठ का दावा है कि पौराणिक संदर्भों से पता चलता है कि हनुमान का जन्म गोकर्ण में ही हुआ था, जबकि किष्किंधा की अंजनद्रि पहाड़ी उनके बाद की गतिविधियों से जुड़ी थी. इसलिए किष्किंधा उनकी जन्मभूमि की बजाय कर्मभूमि थी.

तो अब इस मामले में क्या होगा?

फिलहाल यह मामला कर्नाटक हाई कोर्ट में है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तत्काल सुनवाई से मना कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने तत्कालीन सुनवाई से इनकार किया है. 

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि कर्नाटक हाई कोर्ट में ‘बीइंग स्पोकन टू’ नाम की प्रक्रिया है. इसके तहत अदालत अपने फैसले में किसी स्पष्टीकरण, कोई सुधार या सीमित मुद्दों पर विचार कर सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि कर्नाटक हाई कोर्ट को अपनी प्रक्रिया के अनुसार इस विषय पर विचार करने दिया जाना चाहिए. इसलिए तत्काल राहत की मांग स्वीकार नहीं की गई.

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