जयपुर का ऐतिहासिक रामगढ़ बांध और डीग का सीकरी बांध पूरी तरह सूखे पड़े हैं और इनका जलस्तर शून्य पर बना हुआ है. टोंक की लाइफलाइन बीसलपुर बांध फिलहाल 65.24% भरा हुआ है. कोटा का राणा प्रताप सागर बांध 66.66%, कोटा बैराज लगभग पूरा यानी 98.41%, बांसवाड़ा का माही बजाज सागर 43.76% और प्रतापगढ़ का जखम बांध 44.46% क्षमता पर है. जल संसाधन विभाग की ज़ोन-वार रिपोर्ट पर नज़र डालें तो कोटा संभाग पानी के मामले में सबसे समृद्ध स्थिति में है, जबकि जोधपुर ज़ोन में पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है.
जयपुर ज़ोन: इस क्षेत्र के 186 बांधों में 46.53% पानी है, जो पिछले साल 35.10% की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है.
कोटा ज़ोन: 81 बांधों में उनकी कुल क्षमता का सर्वाधिक 54.93% पानी उपलब्ध है. पिछले साल के 75.34% के मुकाबले काफी कम है.
बांसवाड़ा ज़ोन: 63 बांधों में 43.09% पानी संचित है.
उदयपुर ज़ोन: 178 बांधों में 35.93% जलस्तर रिकॉर्ड किया गया है.
भरतपुर ज़ोन: 68 बांधों में पानी का स्तर घटकर केवल 23.38% रह गया है.
जोधपुर ज़ोन: पानी का संकट सबसे गहरा है, जहां 117 बांधों में उनकी कुल क्षमता का महज 18.68% पानी ही बचा है.


