Kay Kay Menon 8 Wife Photos: केके मेनन जब स्क्रीन पर आते हैं तो कहानी खुद ब खुद गंभीर हो जाती है. अपनी प्रेजेंस से ही वो हर सीन को कुछ खास बना देते हैं. पर्दे पर उनकी मौजूदगी जितनी दमदार और इंप्रेसिव होती है. उनकी पर्सनल लाइफ उतनी ही सादगी से भरी है. उनकी इस सादगी भरी दुनिया का एक अहम हिस्सा हैं उनकी पत्नी निवेदिता भट्टाचार्य, जो खुद एक उम्दा और अनुभवी एक्ट्रेस हैं. दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने कभी स्टारडम के पीछे भागने की बजाय अपने काम को ही अपनी पहचान बनाया. बंबई मेरी जान, फोबिया जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई. क्या कहना जैसी मूवीज के जरिए वो निगेटिव शेड्स में भी लोगों को इंप्रेस करने में कामयाब रहीं.
निवेदिता का जन्म 21 जुलाई 1970 को लखनऊ में एक बंगाली परिवार में हुआ. पढ़ाई के बाद उन्होंने एक्टिंग को करियर चुना और धीरे धीरे इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई.
2000 के दशक में उन्होंने कहानी घर घर की, सात फेरे और बालिका वधू जैसे शोज में काम किया. वो हर घर में पहचानी जाने लगीं. भले ही नाम हर किसी को याद न हो.
उनकी खासियत हमेशा से यही रही कि वो किरदार को ओवरड्रामैटिक नहीं बनातीं. छोटे रोल में भी वो एक अलग ठहराव और सच्चाई लेकर आती हैं.
फिल्मों में भी उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. क्या कहना से लेकर फोबिया, अय्यारी और शुभ मंगल सावधान तक, उन्होंने हर बार सधा हुआ अभिनय दिखाया.
कैमरे से दूर, थिएटर उनकी असली जमीन है. स्टेज पर काम करना उन्हें ज्यादा सुकून देता है. जहां दिखावे से ज्यादा एक्टिंग मायने रखती है.
के के मेनन के साथ उनकी शादी भी बिल्कुल उनकी पर्सनैलिटी जैसी है. शांत और लो-प्रोफाइल. दोनों कभी अपने रिश्ते को मीडिया में उछालते नजर नहीं आते.
निगेटिव किरदारों में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. कोई लौट के आया है में उनका रोल इसका अच्छा उदाहरण है.
50 के पार होने के बाद भी वो लगातार एक्टिव हैं और नए प्रोजेक्ट्स में नजर आती रहती हैं. जो दिखाता है कि उनके लिए एक्टिंग सिर्फ काम नहीं, जुनून है. जितना एक्टिव वो अपने काम को लेकर हैं. अपनी फिटनेस को भी उतना ही समय देना पसंद करती हैं.
यह भी पढ़ें: करिश्मा कपूर की 21 साल की बेटी की 7 फोटो, पिता से करती थीं बेहद प्यार, भाई के साथ है स्पेशल बॉन्डिंग


