राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है. करीब तीन महीने पहले दान चोरी की भनक लगने पर गणनाकर्मियों को हटाने की सिफारिश एसबीआई बैंक की तरफ से की गई थी. इस पर आउटसोर्सिंग कंपनी गणनाकर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने वाली थी, लेकिन ट्रस्ट के पदाधिकारी गणनाकर्मियों के बचाव में आ गए थे और किसी को भी हटने नहीं दिया. चंपत राय और अनिल मिश्रा के रसूख के आगे बेबस बैंक अधिकारी गणनाकर्मियों को हटा नहीं सके और चोरी का खेल चलता रहा. गणनाप्रक्रिया में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रमाशंकर मिश्रा, अवनीश और करुणेश शुक्ला समेत अन्य तमाम कर्मियों की भर्ती बैंक ने एक आउटसोर्सिंग कंपनी से कराई थी. लेकिन ये सभी लोग ट्रस्ट के पदाधिकारियों के रिश्तेदार, करीबी थे. मतलब सैलरी बैंक देता था, लेकिन कर्मी ट्रस्ट के लोग थे.
LIVE: बैंक को पहले ही लग गई थी राम मंदिर चढ़ावे के चोरी की भनक, ट्रस्ट को भी कर दिया था सूचित | UCC Bill in West Bengal LIVE Ram Mandir Donation Case Mumbai Rain Mosoon Alert PM Modi All Updates
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