The Pyramid Scheme:’स्कीम या स्कैम’, 5 करोड़ से ज्यादा लोग हो चुके हैं शिकार, हर एपिसोड के साथ बढ़ता है सस्पेंस

The Pyramid Scheme:'स्कीम या स्कैम', 5 करोड़ से ज्यादा लोग हो चुके हैं शिकार, हर एपिसोड के साथ बढ़ता है सस्पेंस The Pyramid Scheme:'स्कीम या स्कैम', 5 करोड़ से ज्यादा लोग हो चुके हैं शिकार, हर एपिसोड के साथ बढ़ता है सस्पेंस

नई दिल्ली:

आज के दौर में जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाने वाली स्कीमों का जाल देशभर में फैल चुका है. हर साल हजारों लोग ऐसे वादों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं. इसी मुद्दे को लेकर डायरेक्टर श्रेयांश पांडे वेब सीरीज ‘द पिरामिड स्कीम’ लेकर आ रहे हैं.  शो के प्रमोशन के दौरान उन्होंने आईएएनएस संग बातचीत में बताया कि यह उन लाखों लोगों की कहानी है, जो किसी न किसी रूप में पोंजी या पिरामिड स्कीम का शिकार हुए हैं.

आईएएनएस से बात करते हुए श्रेयांश पांडे ने कहा, ”पिछले करीब 20 सालों में देश में 5000 से ज्यादा ऐसी कंपनियां सामने आई हैं जिन्होंने लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर निवेश कराया और बाद में करोड़ों रुपए लेकर गायब हो गईं. 5 करोड़ से ज्यादा लोग इन स्कीम का शिकार हो चुके हैं. यह केवल रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या है. असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है, क्योंकि बहुत से लोग अपनी ठगी की कहानी कभी दर्ज ही नहीं करवाते.”

यह भी पढ़ें- ‘पेड्डी’ विवाद पर बोलीं आशिकी एक्ट्रेस अनु अग्रवाल- एक्टर्स को ‘नहीं’ कहने की हिम्मत रखनी चाहिए, सम्मान सबसे जरूरी

उन्होंने कहा, ”जब कोई व्यक्ति ऐसी स्कीम में अपना पैसा गवां देता है तो वह केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी टूट जाता है. लोगों को लगता है कि उन्होंने गलती की है और इसी वजह से वे पुलिस या प्रशासन के पास जाने से बचते हैं. कई लोग तो अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों तक को नहीं बताते कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. शर्म, डर और सामाजिक दबाव के कारण हजारों मामले सामने ही नहीं आ पाते. यही वजह है कि इस विषय पर शोध करते समय उनकी टीम को गहराई में जाकर काम करना पड़ा.”

डायरेक्टर ने आगे कहा, ”इस कहानी का सफर साल 2011 में शुरू हुआ था. उस समय मेरे मन में इस विषय को लेकर एक विचार आया था, लेकिन उसे पूरी तरह समझना और सही तरीके से प्रस्तुत करना आसान नहीं था. लगातार रिसर्च, लोगों से बातचीत और वास्तविक घटनाओं पर स्टडी करने के बाद आखिरकार मुझे वह दृष्टिकोण मिला जिसकी मदद से इस शो को बनाया जा सका.”

यह भी पढ़ें-  इस एक्ट्रेस ने दी थी पहली 100 करोड़ी फिल्म, करियर के पीक पर कहा सिनेमा को अलविदा, जानें अब कहां है सलमान -आमिर की ये हीरोइन ?

श्रेयांश ने कहा, ”पिरामिड स्कीम का प्रभाव इतना व्यापक है कि आज भी जब वे किसी नए व्यक्ति से इस विषय पर चर्चा करते हैं तो लगभग हर किसी के पास इससे जुड़ा कोई न कोई अनुभव होता है. किसी का चाचा, किसी का भाई, बहन, दोस्त या कोई अन्य रिश्तेदार कभी न कभी ऐसी योजना के संपर्क में आया होता है. यह एक ऐसा मुद्दा है जिसने सीधे या परोक्ष रूप से लाखों परिवारों को प्रभावित किया है. यही कारण है कि यह कहानी लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर जोड़ने की क्षमता रखती है.’

उन्होंने कहा, ”इस विषय की सबसे बड़ी ताकत इसकी वास्तविकता है. यह कोई काल्पनिक दुनिया नहीं है, बल्कि उन घटनाओं का प्रतिबिंब है जो समाज में लगातार घटती रही हैं. इसलिए दर्शक जब इस सीरीज को देखेंगे तो उन्हें कई ऐसे किरदार और परिस्थितियां दिखाई देंगी जिनसे वे खुद को जोड़ पाएंगे.”’द वायरल फीवर’ द्वारा निर्मित यह सीरीज प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम है.





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *