नई दिल्ली:
शराब को वैसे तो सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है लेकिन सरकारों की आर्थिक सेहत के लिए ये काफी अच्छी मानी जाती है. वह इसलिए क्योंकि शराब से सरकारों को मोटी कमाई होती है.
सरकारों की कमाई में शराब पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी का बड़ा हिस्सा होता है. CAG की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सिर्फ दो महीनों में ही एक्साइज ड्यूटी से होने वाली कमाई 82% तक बढ़ गई है. सबसे ज्यादा कमाई उत्तर प्रदेश को हुई है, जबकि हरियाणा की कमाई बहुत ज्यादा बढ़ी है.
किसकी कितनी कमाई?
CAG के मुताबिक, उत्तर प्रदेश ने 2026-27 के सिर्फ दो महीने- अप्रैल और मई में ही 10,638 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई है. यानी, हर दिन यूपी को शराब पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी से औसतन 177 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है. जबकि, 2025-26 के इन्हीं दो महीनों में यूपी को 9,770 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. इसका मतलब हुआ कि यूपी को पिछले साल की तुलना में 9% से ज्यादा कमाई हुई.
इसी दौरान, हरियाणा की कमाई 82% से ज्यादा बढ़ी है. हरियाणा को इस साल अप्रैल-मई में 2,343 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हुई है, जबकि पिछले साल इन्हीं दो महीनों में लगभग 1,284 करोड़ रुपये कमाए थे.
शराब से कमाई का कितना हिस्सा
राज्यों के टैक्स रेवेन्यू में शराब की बिक्री से मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी की हिस्सेदारी तीसरे नंबर पर है. CAG की 2024-25 की रिपोर्ट बताती है कि राज्यों के टैक्स रेवेन्यू में सबसे ज्यादा 44% हिस्सा जीएसटी और फिर 21% सेल्स या VAT का है. इसके बाद एक्साइज ड्यूटी की हिस्सेदारी लगभग 14% है.
शराब पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी से सबसे ज्यादा कमाई उत्तर प्रदेश को होती है. RBI के मुताबिक, 2025-26 में उत्तर प्रदेश को 63 हजार करोड़ रुपये की एक्जाइज ड्यूटी मिलने का अनुमान है.
इसके बाद कर्नाटक (40,000 करोड़), महाराष्ट्र (32,575 करोड़), आंध्र प्रदेश (27,097 करोड़), पश्चिम बंगाल (22,550 करोड़), तेलंगाना (27,623 करोड़), मध्य प्रदेश (17,500 करोड़) और राजस्थान (19,720 करोड़) का नंबर आता है.
CAG की रिपोर्ट बताती है कि 2015-16 से 2024-25 के 10 सालों में सभी राज्यों की एक्साइज ड्यूटी से होने वाली कमाई 173% तक बढ़ गई है.
बिहार ने अप्रैल 2016 से शराबबंदी है और इसका असर उसके रेवेन्यू पर पड़ा है. 2015-16 में बिहार सरकार को एक्साइज ड्यूटी से 3,142 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. लेकिन अब ये पूरी तरह बंद हो गई है.
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