अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. अमेरिका ने बुधवार को ईरान के साथ हुए द्विपक्षीय समझौते का आधिकारिक दस्तावेज जारी कर दिया. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि 14 बिंदुओं वाले इस ऐतिहासिक समझौते के तहत वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज को फिर से खोला जाएगा. इसके साथ ही अमेरिका ईरान को कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने पर सहमत हुआ है, जिसके बदले आगे की वार्ताओं में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी शामिल किया जाएगा.हालांकि, अभी इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होना बाकी है.
समझौते के हाइलाइट्स
- अमेरिका और ईरान ने सभी मोर्चों पर युद्ध और फायरिंग तुरंत बंद करने पर सहमति दी
- दोनों देश एक-दूसरे पर हमला या धमकी नहीं देंगे
- दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता और सीमाओं का सम्मान करेंगे
- 60 दिनों के अंदर अंतिम समझौते पर बात होगी
- अमेरिका 30 दिनों में ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करेगा और सेना हटाएगा
- ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का सुरक्षित और मुफ्त आवागमन सुनिश्चित करेगा
- अमेरिका, ईरान के विकास के लिए 300 अरब डॉलर की योजना बनाएगा.
- अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने को तैयार है
- ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा
- दोनों देश फिलहाल स्थिति को वैसी ही बनाए रखेंगे (कोई नया कदम नहीं)
- अमेरिका ईरान को तेल निर्यात और बैंकिंग में छूट देगा
- ईरान की फंसी संपत्ति और पैसा रिलीज किया जाएगा
- समझौते की निगरानी के लिए एक सिस्टम बनाया जाएगा
- अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मंजूरी मिलेगी
अमेरिका ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा
अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौता में दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर तुरंत युद्ध और सैन्य कार्रवाई रोकने, एक-दूसरे पर हमला या धमकी न देने और एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर सहमति जताई है. दोनों पक्ष 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत करेंगे, जबकि इस दौरान मौजूदा स्थिति को बनाए रखा जाएगा और कोई नया सैन्य या प्रतिबंधात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा.
समझौते के तहत अमेरिका ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा, अपनी सेना पीछे बुलाएगा और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देगा. वहीं, ईरान होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करेगा. अमेरिका ने ईरान के पुनर्निर्माण के लिए बड़ी आर्थिक योजना बनाने और जमे हुए फंड व संपत्तियों को रिलीज करने का भी वादा किया है, ताकि ईरान की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले.
इसके अलावा, ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने की प्रतिबद्धता जताई है और परमाणु कार्यक्रम पर आगे तकनीकी बातचीत होगी. समझौते के पालन की निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाया जाएगा और अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी दिलाई जाएगी, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी.
भविष्य के रूपरेखा को लेकर होगी बातचीत
इस समझौता पर हस्ताक्षर होते ही कमर्शियल जहाजों की आवाजाही तुरंत शुरू कर दी जाएगी. ईरान अगले 60 दिनों के लिए फारस की खाड़ी से ओमान सागर (और इसके विपरीत मार्ग) में व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित और पूरी तरह से मुफ्त आवागमन को सुनिश्चित करेगा. इसके तहत, मार्ग में आने वाली तकनीकी व सैन्य बाधाओं को दूर करने और समुद्र से बारूदी सुरंगों को हटाने का काम ईरान 30 दिनों के भीतर पूरा करेगा. इसके अलावा, होर्मुज में भविष्य के प्रबंधन और समुद्री सेवाओं की रूपरेखा तय करने के लिए ईरान, ओमान सल्तनत और फारस की खाड़ी के अन्य तटीय देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर बातचीत करेगा.
हालांकि, यह टेक्स्ट अमेरिका द्वारा जारी किया गया है. खबर लिखे जाने तक ईरान की ओर से इसकी आधिकारिक प्रति जारी नहीं की गई थी.
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लेखक के बारे में
आलोक कुमार ठाकुर
सीनियर सब एडिटर
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