ट्रंप की नाकाबंदी फेल? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पार निकले 4 जहाज, इनमें 3 का ईरान से लिंक

ट्रंप की नाकाबंदी फेल? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पार निकले 4 जहाज, इनमें 3 का ईरान से लिंक ट्रंप की नाकाबंदी फेल? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पार निकले 4 जहाज, इनमें 3 का ईरान से लिंक

दुनिया में कच्चे और गैस तेल के सबसे प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अब अमेरिका ने भी नाकाबंदी कर दी है. हालांकि उसके ऐलान के बाद भी दो दिन में कम से कम 4 जहाज होर्मुज को पार करने में कामयाब रहे हैं. इनमें से तीन टैंकर ऐसे हैं, जिन पर ईरान से संबंधित होने की वजह से अमेरिका ने पहले ही प्रतिबंध लगा रखा है. अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि नाकाबंदी के पहले 24 घंटों में ही उसने छह जहाजों को ईरानी बंदरगाहों से बाहर जाने से रोक दिया है. 

2 दिन में 4 टैंकर पार निकले

जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली कंपनी LSEG और केपलर के आंकड़े बताते हैं कि तीन टैंकरों ने सोमवार-मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट पार किया. इनमें पनामा के झंडे वाला ‘पीस गल्फ’ नाम का जहाज मंगलवार को होर्मुज को पार करके यूएई के हमरिया पोर्ट की तरफ गया. पीस गल्फ टैंकर ने लराक आइलैंड और होर्मुज के बीच ईरान के नए समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इस रास्ते को सभी जहाजों के लिए अनिवार्य कर दिया है. 

प्रतिबंधित जहाज भी निकल गए

इससे पहले Rich Starry नाम का कार्गो जहाज होर्मुज पार करके निकला था. इस जहाज को पहले फुल स्टार नाम से जाना जाता था, जिसे अमेरिका ने ईरान की मदद के आरोप में 2023 में ब्लैकलिस्ट कर दिया था. मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, यूएई के शारजाह से आया ये जहाज रात के अंधेरे में स्ट्रेट को पार कर गया, हालांकि बाद में उसने अपनी दिशा बदल ली. 

बल्क कैरियर क्रिस्टियाना भी वापस लौट चुका है, जो ईरान के बंदर ईमान खोमेनेई पोर्ट पर रुका था. इनके अलावा अमेरिका से प्रतिबंधित एल्पिस नाम का जहाज भी मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया. मरीन ट्रैफिक की मानें तो ये ईरान के बुशहर पोर्ट से आया था. फिलहाल ये स्ट्रेट के पूर्वी दिशा में रुका हुआ है. 

देखें- अमेरिका-ईरान के बीच अब विदेश मंत्री स्तर पर होगी शांति वार्ता? राउंड 2 पर टिकीं दुनिया की निगाहें

अमेरिका को चकमा देकर निकले टैंकर?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को बताया कि होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे 6 जहाजों ने उसके आदेश माने और वापस लौट गए. अमेरिका ने दावा किया है कि नाकाबंदी लागू होने के बाद ईरानी बंदरगाह से आए किसी भी जहाज ने होर्मुज पार नहीं किया है. हालांकि माना जा रहा है कि ईरान से आए कुछ जहाज अमेरिका को चकमा देकर होर्मुज पार करने में कामयाब रहे. 

होर्मुज से आवाजाही 95% तक घटी 

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग छिड़ने से पहले होर्मुज के रास्ते दुनिया में कच्चे तेल और गैस का लगभग 20 फीसदी व्यापार होता था. लेकिन 28 फरवरी को हमला होने के बाद से ईरान ने इसे बंद कर रखा है. इसकी वजह से होर्मुज से जहाजों की आवाजाही 95 फीसदी तक घट गई है. 

22 जहाजों पर अब तक हमले हुए

केपलर का डेटा बताता है कि 28 फरवरी से 12 अप्रैल के बीच होर्मुज स्ट्रेट से होकर महज 279 जहाज ही आ-जा सके हैं, जबकि पहले करीब 130 जहाज रोजाना आते-जाते थे. कई जहाजों ने ईरान की बिना इजाजत होर्मुज पार करने की कोशिश की थी, जिन पर हमला किया गया. ऐसे जहाजों की संख्या लगभग 22 बताई जाती है. 

देखें- यूएस-ईरान वार्ता के बाद ट्रंप ने पीएम मोदी से की बात, 40 मिनट तक चली चर्चा

21 को खत्म होना है अस्थायी सीजफायर

अमेरिका-इजरायल और ईरान ने करीब पांच हफ्ते की जंग दो सप्ताह का अस्थायी सीजफायर किया है, जो 21 अप्रैल को खत्म होने वाला है. स्थायी युद्धविराम और अन्य मुद्दों को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच हाल ही में इस्लामाबाद में आमने-सामने की वार्ता हुई थी. लेकिन 21 घंटों की माथापच्ची के बाद भी वार्ता बेनतीजा रही. अब दूसरे दौर की वार्ता की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. 

अमेरिका ने क्यों की नाकाबंदी?

इस बीच अमेरिका ने नया मोर्चा खोलते हुए खुद ही होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी का ऐलान कर दिया है. जो अमेरिका पहले होर्मुज से आने-जाने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने की बात कह रहा था, उसके इस फैसले को लेकर हैरानी जताई जा रही है. हालांकि अमेरिका की तरफ से कहा जा रहा है कि इस कदम का मकसद ईरानी बंदरगाहों पर तेल की बिक्री पर रोक लगाना है. 

देखें- US-ईरान टेंशन के बीच चीन की एंट्री, मिडिल ईस्ट में शांति के लिए जिनपिंग का 4 सूत्रीय प्लान, जानें इसमें क्या




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *