ईरान युद्ध की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कई मोर्चों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ वह ईरान से जूझ रहे हैं, दूसरी तरफ तेल-गैस की कमी को लेकर दुनिया के देश लगातार दबाव बना रहे हैं, वहीं भरोसेमंद सहयोगी भी उनसे आंखें फेर रहे हैं. ताजा वाला मामला इटली का है. पोप लियो से अमेरिकी राष्ट्रपति के विवाद को अस्वीकार्य बताने से ट्रंप इतने खफा हुए कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर फट पड़े हैं. ट्रंप ने कहा है कि वह मेलोनी पहले जैसी नहीं रह गई हैं.
सबसे करीबी यूरोपीय सहयोगी
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को कभी ट्रंप का सबसे करीबी यूरोपीय सहयोगी माना जाता था. वह अकेली यूरोपीय नेता थीं, जो 2025 में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुई थीं. पिछले महीने की ही बात है, जब ट्रंप ने एक इंटरव्यू में मेलोनी को ग्रेट लीडर बताकर तारीफ की थी. हालांकि अब मेलोनी को लेकर ट्रंप के सुर काफी बदल चुके हैं.
ईरान युद्ध और अब पोप मामले से नाराजगी
पहले ईरान के खिलाफ युद्ध में साथ न देने और अब पोप लियो के समर्थन में बयान से देने को लेकर मेलोनी से ट्रंप नाराज हैं. मेलोनी ने सोमवार को पोप लियो के खिलाफ ट्रंप की विवादित टिप्पणियों को अस्वीकार्य बताया था. इसके अलावा इटली ने इजरायल के साथ सैन्य उपकरणों और टेक्नोलोजी ट्रांसफर से संबंधित एक रक्षा समझौते को भी निलंबित कर दिया है.
ट्रंप बोले, मेलोनी पहले जैसी नहीं रहीं
ट्रंप ने मंगलवार को इटली की पीएम पर तीखा हमला बोला. ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह मेलोनी के रुख से शॉक्ड हैं. उन्हें उम्मीद थी कि मेलोनी एक साहसी नेता साबित होंगी, लेकिन ऐसा नहीं है. उनमें ईरान के खिलाफ लड़ने में हमारा साथ देने की हिम्मत नहीं है. वह पहले जैसी नहीं रहीं.
…इटली को 2 मिनट में उड़ा देता ईरान
ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि मेलोनी को इस बात की परवाह नहीं है कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो सकते हैं, जो मौका मिले तो इटली को दो मिनट में उड़ा सकते हैं. यह बेहद दुख की बात है कि वह एक परमाणु संपन्न ईरान से छुटकारा पाने में मदद नहीं करना चाहतीं. मैंने जितना सोचा था, वह उससे बहुत अलग हैं.
‘होर्मुज खुलवाने के लिए ट्रंप से उम्मीद’
ट्रंप ने इटली की दुखती रग पर हाथ रखते हुए कहा कि इटली दुनिया में सबसे अधिक ऊर्जा लागत चुका रहा है, इसके बावजूद वह होर्मुज खुलवाने के लिए लड़ने को तैयार नहीं है. इसके लिए वह ट्रंप पर निर्भर है.
ट्रंप की दोस्ती मेलोनी के लिए भारी
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दोस्ती मेलोनी के लिए भारी साबित होने लगी है. मेलोनी ने सोचा था कि ट्रंप के साथ उनकी दोस्ती वैश्विक मंच पर उनकी ताकत बढ़ाएगी, लेकिन अब दोस्ती उनके लिए राजनीतिक बोझ बनती जा रही है. इसकी वजह से उनके अपने ही देश में उनकी लोकप्रियता गिरती जा रही है. इटली में करीब 66 फीसदी लोग अब ट्रंप के प्रति नकारात्मक नजरिया रखते हैं.
जानकारों का मानना है कि ट्रंप से मेलोनी की नजदीकी के कारण ही पिछले महीने न्यायिक सुधारों पर हुए जनमत संग्रह में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. अमेरिका के थोपे गए ईरान युद्ध के कारण इटली में तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं. उसे लेकर भी आम जनता में भारी असंतोष है.
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