नागपुर में RSS मुख्यालय में ‘रेडियोएक्टिव पाउडर’ की धमकी से मचा हड़कंप, ATS की जांच में अब तक क्‍या आया सामने?

नागपुर में RSS मुख्यालय में ‘रेडियोएक्टिव पाउडर’ की धमकी से मचा हड़कंप, ATS की जांच में अब तक क्‍या आया सामने? नागपुर में RSS मुख्यालय में ‘रेडियोएक्टिव पाउडर’ की धमकी से मचा हड़कंप, ATS की जांच में अब तक क्‍या आया सामने?

नागपुर:

नागपुर में एक गुमनाम खत ने अचानक सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी. इस पत्र में दावा किया गया कि शहर के कई अहम और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खतरनाक ‘रेडियोएक्टिव पाउडर’ फैला दिया गया है. सूचना मिलते ही पुलिस और महाराष्ट्र ATS हरकत में आ गई और कई जगहों पर तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाया गया. हालांकि, अब तक की जांच में कहीं भी ऐसा कोई खतरनाक पदार्थ मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल को यह संदिग्ध पत्र नागपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंद्रकुमार सिंगल के दफ्तर में डाक के जरिए पहुंचा. 

RSS मुख्यालय और स्मृति मंदिर को धमकी भरे पत्र को पुलिस ने गंभीरता से लिया: नागपुर सीपी 

नागपुर पुलिस कमिश्‍नर रविंद्र कुमार सिंगल ने बताया, “कल एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें विस्फोट करने की धमकी दी गई है. उस पत्र में ‘रेडियोएक्टिव एलिमेंट’ का उल्लेख करते हुए हमले की बात लिखी गई है. पुलिस ने इस पत्र को पूरी गंभीरता से लिया है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह पत्र किसने लिखा है और इसके पीछे कौन है. इस मामले में पुलिस अन्य विभागों की भी मदद ले रही है. पत्र में बताए गए सभी स्थानों की जांच की गई है और अन्य संवेदनशील ठिकानों पर भी बीडीएस बम निरोधक दस्ते और अन्य टीमों द्वारा जांच जारी है.”

पाउडर बेहद खतरनाक, गंभीर बीमारियों का डर

खत में लिखा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महाल स्थित मुख्यालय, रेशीमबाग के डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर और नागपुर मेट्रो की ऑरेंज और एक्वा लाइन की ट्रेनों में ‘सीज़ियम-137′ नाम का रेडियोएक्टिव पाउडर डाला गया है. खत में यह भी दावा किया गया कि यह पाउडर बेहद खतरनाक है और इसके संपर्क में आने वाले लोगों को गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. इतना ही नहीं, मेट्रो की सीटों और उन बसों में भी इस पदार्थ के फैलने की बात कही गई, जो भाजपा और संघ के दफ्तरों के रास्तों से गुजरती हैं.

अभी तक  रेडियोएक्टिव पाउडर जैसा कोई सबूत नहीं

इस गुमनाम खत में ‘डीएसएस’ नाम के एक संगठन का जिक्र भी किया गया है. साथ ही यह दावा किया गया कि यह रेडियोएक्टिव पदार्थ किसी कैंसर अस्पताल से लाया गया है, जिससे शहर के कई हिस्सों में रेडिएशन का खतरा पैदा हो सकता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत ATS को जांच में शामिल किया. इसके बाद RSS मुख्यालय, रेशीमबाग परिसर और मेट्रो स्टेशनों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया. लेकिन शुरुआती जांच में कहीं भी रेडियोएक्टिव पाउडर जैसा कोई सबूत नहीं मिला. फिलहाल पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.
 

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