लोग अब घर में घड़ी लगाना क्यों छोड़ रहे हैं? ये छोटा बदलाव कैसे बदल रहा है पूरा Routine | Wall Clock Trend | Why are people abandoning clocks at home

Latest and Breaking News on NDTV लोग अब घर में घड़ी लगाना क्यों छोड़ रहे हैं? ये छोटा बदलाव कैसे बदल रहा है पूरा Routine | Wall Clock Trend | Why are people abandoning clocks at home


Importance Of Wall Clocks: दीवार पर लगी घड़ी न सिर्फ हमें समय बताती है बल्कि, हमारे दिनचर्या का लेखा-जोखा रखने में भी मदद करती है. अपने पुराने दिनों को याद कीजिए, जब घर की सबसे मुख्य दीवार पर एक बड़ी सी ‘टिक-टिक’ करती घड़ी टंगी होती थी. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक, घर का हर सदस्य उसी घड़ी को देखकर अपने काम निपटाता था. लेकिन आज अगर आप गौर करेंगे, तो पाएंगे कि कई घरों की दीवारें अब सूनी हैं. लोग अब अपने घरों में दीवार घड़ी (Wall Clock) लगाना कम कर रहे हैं. सुनने में यह एक मामूली सा बदलाव लगता है, लेकिन एक छोटी सी आदत ने हमारे डेली रूटीन और दिमागी सुकून को पूरी तरह बदल कर रख दिया है. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. तो चलिए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? 

दीवार से घड़ी गायब होने के कारण- (Reasons for the clock disappearing from the wall)

1. मोबाइल- 

मोबाइल के बिना आज के दौर में हमारी दुनिया अधूरी है. अलार्म लगाना हो, टाइम देखना हो या तारीख चेक करनी हो, हम तुरंत अपनी जेब से फोन निकाल लेते हैं. दीवार पर टंगी घड़ी देखने के लिए गर्दन ऊपर करने की जहमत अब कोई नहीं उठाना चाहता. नतीजा यह है कि घर की दीवारों पर अब घड़ी की जगह पेंटिंग्स या डेकोरेटिव आइटम्स ने ले ली है.

Photo Credit: Pexels

2. टाइम एंग्जायटी- 

दीवारों पर टंगी घड़ियां हमें हर पल याद दिलाती रहती हैं कि ‘टिक-टिक’ करके समय बीत रहा है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, हर समय नजरों के सामने घड़ी का होना लोगों में तनाव पैदा कर रहा है. इसे ‘टाइम एंग्जायटी’ कहते हैं. ऑफिस के काम का प्रेशर और डेडलाइंस के बीच, लोग अब अपने घर को एक ऐसी जगह बनाना चाहते हैं जहां समय का कोई दबाव न हो. इसलिए, दीवारों से घड़ी हटाकर लोग एक तरह की ‘मानसिक आजादी’ महसूस करते हैं.

3. स्लो लिविंग- 

आजकल की नई पीढ़ी के बीच ‘स्लो लिविंग’ का कॉन्सेप्ट काफी पॉपुलर हो रहा है. इसका मतलब है जिंदगी को घड़ी की सुइयों के हिसाब से नहीं, बल्कि अपनी सुविधा और सुकून के हिसाब से जीना. लोग अब चाहते हैं कि छुट्टी वाले दिन या घर पर बिताए वक्त में उन्हें बार-बार समय का एहसास न हो. दीवार पर घड़ी न होने से आप अपनी पसंद का काम बिना किसी हड़बड़ी के कर पाते हैं.

इस बदलाव का हमारे रूटीन पर क्या असर पड़ रहा है?

  1. अनुशासन- जब सामने घड़ी नहीं होती, तो हम अक्सर अपने कामों को टालने लगते हैं. 
  2. नींद- समय देखने के लिए बार-बार फोन चेक करना हमारी नींद खराब कर रहा है. 
  3. बच्चों- पुराने समय में बच्चे घड़ी देखकर अपना टाइम-टेबल मैनेज करना सीखते थे. अब डिजिटल स्क्रीन के कारण उनमें समय की सही समझ (Sense of time) विकसित होने में देरी हो रही है.

ये भी पढ़ें-  मुझे घर से निकलते वक्त सब कुछ मिल जाता है, बस चाबी ही क्यों नहीं मिलती? ये 3 आदतें हैं असली वजह

मोटापा कैसे कम करें? | मोटापा दूर करने के तरीके | Motapa Kaise Kam Kare





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *