पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत के बाद भाजपा सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले पार्टी नेतृत्व और संगठन स्तर पर बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है. इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 8 मई को दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंचेंगे, जहां वह आरएसएस नेतृत्व और भाजपा की कोर टीम के साथ अहम चर्चा करेंगे. भाजपा ने अमित शाह को पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है.
अमित शाह 8 मई की सुबह करीब 10 बजे कोलकाता पहुंचेंगे. उनके आगमन के बाद न्यूटाउन स्थित एक होटल में दिनभर बैठकों का सिलसिला चलेगा. इस दौरान शाह राज्य के संगठनात्मक नेतृत्व और संघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर सरकार गठन की रणनीति पर मंथन करेंगे. इसके अलावा भाजपा की कोर टीम के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है, जिसमें सत्ता गठन के रोडमैप पर विचार किया जाएगा.
8 मई को भाजपा विधायक दल की बैठक
इसी दिन दोपहर करीब 2 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक भी होगी. इस बैठक में नव निर्वाचित विधायक अपने नेता का चयन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी.
नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मई की सुबह कोलकाता पहुंचेंगे और शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होंगे.
अमित शाह 9 मई को शपथ समारोह में भाग लेने के बाद दिल्ली लौट जाएंगे.
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207 सीटों पर जीत के साथ सत्ता में भाजपा
गौरतलब है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार सरकार बनाने का रास्ता साफ किया है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 207 सीटें मिली हैं जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई. इसके अलावा कांग्रेस को 2 और सीपीआई (एम) को 1 सीट मिली है.
चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह की भूमिका बेहद अहम रही. उन्हें भाजपा का मुख्य रणनीतिकार और मौजूदा राजनीति का ‘चाणक्य’ भी कहा जाता है. उन्होंने मार्च के अंत में ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआत से लेकर 27 अप्रैल तक लगातार रैलियां, रोड शो व जनसभाएं कीं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर जमकर हमला बोला.


