कोलकाता:
लोकसभा से महिला आरक्षण बिल पर लाया गया अहम संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका. शुक्रवार को 21 घंटे की चर्चा के बाद संविधान के 131वें संशोधन पर वोटिंग हुई. संविधान संशोधन होने के कारण इस बिल को पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. बिल के पक्ष के 298 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 230 वोट. इस बिल के लिए कुल 528 सांसदों ने वोट डाले, जिसका दो-तिहाई 352 होता है. लेकिन इस बिल के पक्ष में 298 वोट ही पड़े, ऐसे में यह बिल 54 वोट से गिर गया. इस बिल के पारित नहीं होने के बाद सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर हमले शुरू कर दिये हैं. सत्ता पक्ष का कहना है कि महिलाओं को उनके अधिकार से रोकने वाला विपक्ष का यह फैसला उन्हें हर जगह, हर चुनाव में अपना असर दिखाएगा.
एनडीटीवी ‘चाय स्टॉप’ शो में चर्चा के दौरान महिला आरक्षण बिल पर बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार जंयतो घोषाल ने कहा, “भाजपा का यह दांव जबरदस्त है. बंगाल में महिला वोटर ममता के साथ हैं. ममता ने सबसे ज्यादा महिला सांसद दिए हैं. न केवल संसद, बल्कि विधानसभा और पंचायत तक महिलाओं को ममता ने आगे बढ़ाया है. ममता का महिलाओं को एंड्रेस करने की बहुत पुरानी पॉलिसी है. अब पीएम मोदी यदि इस बिल को पास करा कर प्रचार में आते हैं तो इसका असर पड़ेगा.”
बंगाल में चुनाव से कुछ दिन पहले लोकसभा में आए महिला आरक्षण के इसे मुद्दे का क्या असर होगा… इस पर एक्सपर्ट ने कहा- तुरंत असर पड़ेगा, इससे सभी महिलाएं बीजेपी को वोट देगी, मैं यह नहीं कह सकती. बीजेपी कोई भी छोटा-बड़ा मुद्दा छोड़ती नहीं है. किसी चीज का असर यदि 30 फीसदी तक पड़े, दो फीसदी तक पड़े बीजेपी उसे उठा लेती है.
लेकिन बंगाल की वरिष्ठ पत्रकार ने कहा, बंगाल के पंचायत चुनावों में 2012 से 50 फीसदी महिला आरक्षण है. संसद और विधानसभा में भी ममता ने महिलाओं को खूब जगह दी है. महिलाओं को केंद्रित कई डायरेक्टर बेनिफिट की स्कीम भी ममता पहले से चला रही है. ऐसे में बंगाल में महिला आरक्षण का मुद्दा बीजेपी को फायदा देगा, यह कहना सही नहीं है.
एक्सपर्ट ने बताया कि अभी देश में बीजेपी शासित 16 राज्य है, इन 16 में एक मात्र दिल्ली में महिला मुख्यमंत्री हैं. महिलाओं की भागीदारी में टीएमसी बीजेपी से आगे हैं. उन्होंने बताया कि बंगाल में महिला की ताकत ही प्रूफ करती है कि कौन जीतेगा कौन हारेगा. अभी की परिस्थिति में महिलाएं सायलेंट है. खुलकर कुछ नहीं बता रही, लेकिन मौजूदा हालात में महिला आरक्षण का बीजेपी को बंगाल में फायदा होता नजर नहीं आ रहा.
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