महिला टूरिस्ट के बाद हाथी की भी मौत, जानें कर्नाटक में दो जानवरों की लड़ाई में अब तक क्या-क्या हुआ

महिला टूरिस्ट के बाद हाथी की भी मौत, जानें कर्नाटक में दो जानवरों की लड़ाई में अब तक क्या-क्या हुआ महिला टूरिस्ट के बाद हाथी की भी मौत, जानें कर्नाटक में दो जानवरों की लड़ाई में अब तक क्या-क्या हुआ

बेंगलुरु:

कर्नाटक के कोडागु जिले के एक वाइल्डलाइफ कैंप में दो हाथियों की लड़ाई की चपेट में आने से चेन्नई की एक महिला टूरिस्ट की मौत हो गई थी. हुआ यूं था कि दो हाथी लड़ रहे थे, तभी उनमें से एक हाथी महिला के ऊपर गिर गया, जिस कारण कुचलने से उनकी मौत हो गई. अब इस घटना के एक दिन बाद ही उस हाथी की भी मौत हो गई, जो महिला के ऊपर गिर गया था.

यह मामला डुबारे कैंप का था. सोमवार को नहलाने के दौरान दो हाथियों- ‘कंजन’ और ‘मार्थंडा’ के बीच भिड़ंत हो गई थी. लड़ाई के दौरान ‘मार्थंडा’ का बैलेंस बिगड़ गया और वह पास खड़ी महिला टूरिस्ट के ऊपर गिर पड़ा. हाथियों को काबू करने की महावतों की सारी कोशिशें नाकाम रहीं. गिरने के बाद ‘मार्थंडा’ ने उठने की लगातार कोशिश की, जिस कारण महिला और ज्यादा कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

महिला की पहचान ज्यूनेश के रूप में हुई है. वह चेन्नई के रहने वाली थीं. इस दौरान महिला के पति ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन वह बच न सकी. इस हादसे में महिला का पति और बेटा बाल-बाल बच गए.

सोमवार को क्या हुआ था?

पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह ज्यूनेश, उनके पति जॉयल और बेटा डुबारे कैंप आया था. शुरुआत में उन्होंने ट्रेन्ड हाथियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं. 

बाद में जब महावत हाथियों को नहलाने के लिए ले जा रहे थे, तो बाकी पर्यटकों के साथ वे भी पानी में उतर गए. पर्यटक भी हाथियों की सफाई और उन्हें नहलाने में मदद कर रहे थे.

जब हाथियों को नहलाया जा रहा था, तभी दो हाथी- ‘कंजन’ और ‘मार्थंडा’ अचानक आपस में लड़ने लगे. महावतों ने उन्हें काबू में करने की कोशिश की लेकिन हाथी लड़ते रहे. इस कारण मची अफरा-तफरी के दौरान ‘मार्थंडा’ ज्यूनेशन के ऊपर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए.

‘मार्थंडा’ की मौत कैसे हुई?

‘मार्थंडा’ ही वह हाथी था, जो महिला के ऊपर गिरा था. इस दुर्घटना के एक दिन बाद ही उसकी भी मौत हो गई.

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, लड़ाई के दौरान ‘मार्थंडा’ के पेट और पैरों में गंभीर चोटें आईं. उसका एक अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन मंगलवार को उसकी मौत हो गई.

एक वन अधिकारी ने बताया कि हाथी का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है, जिसके बाद यह पता चल पाएगा कि उसके अंदरूनी अंगों को कोई नुकसान पहुंचा था या नहीं और उसकी मौत का सही कारण क्या है.

कर्नाटक के वन और पर्यावरण मंत्री ईश्वर खांड्रे ने ‘मार्थंडा’ की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने बताया ‘मार्थंडा’ 53 साल का था और उसका वजह 4,500 किलो था. उसे 2023 में हासन जिले के अलूर से पकड़ा गया था. वहीं, 26 साल के ‘कंजन’ को 2014 में हासन के येसलूर के पास पकड़ा गया था.

इस घटना के बाद क्या हुआ?

इस घटना के बाद डुबारे कैंप को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है. सोमवार को हुई दुर्घटना के बाद यह फैसला लिया गया है. सरकार ने अगले आदेश तक इसे बंद किया है.

इसके अलावा, सरकार ने इस तरह के कैंप के लिए एक SOP भी जारी कर दी है. वन मंत्री ईश्वर खांड्रे ने कहा कि ट्रेन्ड हाथी या जंगली जानवर भी अप्रत्याशित बर्ताव कर सकते हैं और किसी भी पल उनके बर्ताव को समझना या उसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हाथियों की सूंड छूने, उनके बगल में खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाने, पर्यटकों को हाथियों को नहलाने देने या उन्हें गुड़-केले या काने की चीजें खिलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाएं. 

इतना ही नहीं, इस दुर्घटना के बाद यह भी निर्देश दिया गया है कि पर्यटक अब से हाथियों को नहाते हुए 100 फीट की दूरी से ही देख सकते हैं.

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