नई दिल्ली:
दिल्ली में 19-किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर 993 रुपये महंगा हो गया है. इंडियन ऑयल ने 01 मई से 19-किलो वाले एलपीजी सिलिंडर की कीमत 2078.50 रुपये प्रति सिलिंडर से बढाकर 3071.50 रुपये प्रति सिलिंडर कर दिया है, यानि एक महीने में 47.77% की बड़ी बढ़ोतरी. इसकी मुख्य वजह मध्यपूर्व एशिया में युद्ध और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव और गतिरोध है, जिसकी वजह से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के ज़रिये ऑयल और गैस टैंकरों की आवाजाही काफी ज़्यादा प्रभावित हुई है.
भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार से आयात करता है. मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने से पहले इसका 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के ज़रिये भारत पहुँचता था, लेकिन ग्लोबल मार्केट्स में एनर्जी प्रोडक्ट्स की सप्लाई के लिए सामरिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण इस जलमार्ग से ऑयल और गैस टैंकरों की आवाजाही बुरी तरह बाधित हो रही है.
युद्ध के दौरान भारत में 19 किलो वाले एलपीजी सिलिंडर की कीमत 1740.50 प्रति सिलिंडर से बढ़कर Rs. 3071.50 प्रति सिलिंडर तक पहुंच गई है, यानि 1331 रुपये प्रति सिलिंडर महंगी (+76.47%).
इंडियन ऑयल: कमर्शियल एलपीजी प्राइस चार्ट (दिल्ली)
- 01-मार्च 2026 : 1768.50
- 07-मार्च 2026 : 1883.00
- 01 अप्रैल, 2026 : Rs. 2078.50
- 01 मई, 2026 : Rs. 3071.50
अगर 1 जनवरी, 2026 से 19-किलो वाले एलपीजी सिलिंडर की कीमत को देखें तो ये इस साल अब तक छे बार बढ़ चुकी हैं, जिस दौरान इनकी कीमत 1380 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़ी है. All India LPG Distributors Federation के राष्ट्रीय अध्यक्ष, चंद्र प्रकाश ने एनडीटीवी से कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश में रेस्टोरेंट, होटल बिज़नेस पर सबसे ज़्यादा पड़ेगा.
अभी देश में कमर्शियल एलपीजी को सप्लाई 70% तक ही रिस्टोर की गयी है. इसकी वजह से प्राइवेट कैंटीन, कैटरिंग सर्विस, टी-स्टाल ओनर्स, स्ट्रीट वेंडर्स, ढाबा, छोटे दुकानदारों, निजी शैक्षणिक संस्थानों का इनपुट कॉस्ट बढ़ेगा, जो आम उपभोक्ताओं पर ट्रांसफर होगा और महंगाई बढ़ेगी.
कमर्शियल एलपीजी के इस्तेमाल कई अहम इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में भी होता है जिसमें 6 प्रमुख सेक्टर हैं:
- स्टील,
- ऑटोमोबाइल
- टेक्सटाइल
- डाई
- केमिकल्स चेमिकल्स
- प्लास्टिक
ज़ाहिर है, कमर्शियल एलपीजी 47% से कुछ ज्यादा महंगा होने से इन 6 अहम इंडस्ट्रियल सेक्टर्स का भी इनपुट खर्च काफी बढ़ जायेगा. All India LPG Distributors Federation के राष्ट्रीय अध्यक्ष, चंद्र प्रकाश के मुताबिक, भारत सरकार ने मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद इंडस्ट्रियल सेक्टरों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई 70% तक ही बहाल किया है. यानि, जरूरत से 30% कम एलपीजी सप्लाई की चुनौती से जूझ रहे इन अहम इंडस्ट्रियल सेक्टर्स को अब बढ़ी हुई कीमतों का बोझ भी उठाना पड़ेगा.
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