नई दिल्ली:
अमेरिका-ईरान युद्ध से उपजे तेल संकट ईंधन के दामों में बढ़ोतरी के बाद एयर इंडिया ने भी यात्रियों को झटका दिया है. एयर इंडिया के सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन घरेलू उड़ानों में कटौती करने की योजना बना रही है.यह कटौती कितने प्रतिशत होगी, यह अभी तय नहीं है.एयर इंडिया का कहना है कि हम इसे चरणबद्ध तरीके से कटौती करने की प्रक्रिया में है.
एयर इंडिया ने अपने बयान में क्या कहा?
एयर इंडिया के सूत्रों ने बताया कि वो घरेलू उड़ानों में कटौती की योजना बना रहे हैं, कटौती कितने प्रतिशत होगी,अभी तय नहीं है पर इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. एयर इंडिया का कहना है कि हम किसी भी रूट को पूरी तरह से बंद नहीं करेंगे, बल्कि कुछ खास सेक्टरों पर चलने वाली उड़ानों की संख्या कम करेंगे.ऐसी कई सेवाएं हैं जिन्हें हम कम करने की योजना बना रहे हैं.
टाटा के मालिकाना हक वाली एयर इंडिया अपने घरेलू ऑपरेशन्स में करीब 15% की कटौती करेगी और इंटरग्लोब के मालिकाना हक वाली इंडिगो अपनी सेवाओं में 5-7% की कमी कर सकती है.यह कदम एयर इंडिया की ओर से अपने इंटरनेशनल ऑपरेशन्स में कटौती करने के बाद उठाया गया है. ATF आमतौर पर किसी एयरलाइन के ऑपरेशनल खर्च का करीब 40% हिस्सा होता है. 28 फरवरी से मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण ग्लोबल कच्चे तेल की सप्लाई में आई रुकावट से कीमतें आसमान छूने लगीं.
क्यों लेना पड़ सकता है फैसला जान लीजिए
रिपोर्ट में एयर इंडिया के एक सीनियर सूत्र के हवाले से कहा गया है, “हम हर हफ्ते औसतन 3,800 उड़ानें संचालित करते हैं. हमारी घरेलू उड़ानों के लिए ATF की लागत पहले 80,000 रुपये प्रति किलोलीटर हुआ करती थी. अब यह बढ़कर 1 लाख रुपये से ज्यादा हो गई है, जो शहर के हिसाब से अलग-अलग होती है, क्योंकि राज्य सरकारों की ओर से लगाया जाने वाला VAT अलग-अलग होता है. जब ATF की कीमतें इतनी ज्यादा हों, तो उड़ानें संचालित करना आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं होगा.”
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