Gold Price Prediction: जून महीने में भी सोने में गिरावट जारी है. इंटरनेशल मार्केट में सोना करीब 12% और इस हफ्ते में 3.5% से ज्यादा टूट चुका है. इसमें कोई दोराय नहीं है कि सराफा मार्केट में पिछले कुछ समय से सोने के दाम लगातार प्रेशर में है. अब निवेशक सोच रहे हैं कि खरीद लें या फिर और गिरावट का इंतजार करें. इन सभी सवालों के जवाब एक्सपर्ट ने दिए हैं. चलिए इस खबर में एक्सपर्ट से समझने की कोशिश करते हैं कि आने वाले 1 से 3 महीनों में सोने की चाल कैसी रह सकती है और एक आम निवेशक के लिए खरीदारी का सही समय कब होगा.
अगले एक महीने यही रहेगी स्थिति
एक्सपर्ट का मानना है कि ग्लोबल मैक्रो फैक्टर्स के चलते अगले एक महीने सोने के दामों पर प्रेशर बना रहेगा. वजहों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेड के ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका और यूएस में अच्छे रोजगार के आंकड़े शामिल हैं. कोटक नियो के कमोडिटी रिसर्च के सीनियर मैनेजर रितेश साहू ने बताया कि सोने ने अपने 7 महीने के लो लेवल से कुछ रिकवरी जरूर दिखाई है, लेकिन अभी इसका ओवरऑल ट्रेंड अभी उम्मीद के अनुसार नहीं है. जब तक मार्केट में कोई नया ट्रिगर नहीं आता, तब तक ये उठा-पटक का दौर देखने को मिलता रहेगा.
जानिए सोने के जरूरी लेवल्स
किसी भी निवेशक के लिए जरूरी लेवल्स की जानकारी होनी ही चाहिए. इन लेवल्स के जरिए ही अपने निवेश को सटीक बनाया जा सकता है. एमसीएक्स पर अभी के समय सोना 1,43,127 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. रितेश साहू के अनुसार सोने में पहला तुरंत सपोर्ट 1,37,500 पर है. अगर इसके नीचे कीमत जाती हैं तो सोना 1,34,000 रुपये से 1,25,500 रुपये के लेवल पर जा सकता है. साथ ही ऊपरी स्तर के लिए सोने में पहला बड़ा रेजिस्टेंस 1,45,500 रुपये पर है. साथ ही कीमतें इस लेवल को पार कर 1,52,000 से 1,60,500 रुपये पर पहुंच सकती हैं.
क्या है 3 महीने की भविष्यवाणी?
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के रविंद्र कुमार के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने का सपोर्ट 1,30,000 रुपये पर है. इसके अलावा केडिया एडवाइजरी के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट अमित गुप्ता के अनुसार अगले तीन महीनों के लिए एमसीएक्स गोल्ड को 1,35,000 रुपये के आस-पास सपोर्ट मिलेगा और इसकी कीमत 1,60,000 रुपये तक जा सकती है, जबकि एमसीएक्स सिल्वर को 1,90,000 रुपये के पास सपोर्ट मिल सकता है और इसकी कीमत 2,60,000 रुपये तक जा सकती है.
इंटरनेशल मार्केट में कहां तक जाएगा सोना?
एमसीएक्स के बाद अब बात करतें हैं इंटरनेशनल मार्केट की. साहू के अनुसार स्पॉट गोल्ड 3,960 डॉलर प्रति औंस के पास बना हुआ है. इसने इनसाइड-कैंडल पैटर्न बनाया है, जो बताता है कि मार्केट नए ट्रिगर प्वाइंट्स का इंतजार कर रहा है. अगर दाम 4,045 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाते हैं, तो 4,200 डॉलर के पास शॉर्ट-टर्म रिकवरी हो सकती है, जबकि 3,960 डॉलर का लेवल टेक्निकल सपोर्ट है.
क्यों गिर रहीं सोने की कीमतें?
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट रविंद्र कुमार ने बताया, अमेरिका और ईरान के बीच जंग रुकने से टेंशन कम हुई है. इससे हुआ ये है कि सेफ हेवन के लिए सोने की मांग कम हुई है. साथ ही कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं. नतीजन दुनियाभर के मार्केट में महंगाई कम होने की उम्मीद से रिजर्व बैंक ब्याज दरों को हल्का रख सकते हैं. हालांकि दूसरी तरफ बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. इसके अलावा डॉलर का मजबूती भी सोने पर प्रेशर बना रही है.
खरीदारों और ज्वेलर्स के लिए सलाह
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के पूर्व चेयरमैन अनंत पद्मनाभन ने बताया कि इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में ज्वेलर्स को अपनी इन्वेंट्री दोबारा भर लेनी चाहिए. आने वाले फेस्टिव और वेडिंग सीजन को देखते हुए ज्वेलर्स इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो में जमकर खरीदारी कर सकते हैं. खरीदारों के लिए एक्सपर्ट ने कहा कि एक साथ पैसा लगाने की जगह गिरावट पर खरीदारी करें. 1,35,000 से 1,37,500 रुपये का दायरा खरीदारी शुरू करने के लिए अच्छा साबित हो सकता है.


