हेलीकॉप्टर में सैनिक और हाथ में मशीनगन… अमेरिकी सेना होर्मुज में नाकेबंदी कैसे कर रही, VIDEO में देखिए

हेलीकॉप्टर में सैनिक और हाथ में मशीनगन... अमेरिकी सेना होर्मुज में नाकेबंदी कैसे कर रही, VIDEO में देखिए हेलीकॉप्टर में सैनिक और हाथ में मशीनगन... अमेरिकी सेना होर्मुज में नाकेबंदी कैसे कर रही, VIDEO में देखिए

US Iran War and hormuz blockade: ईरान के साथ शांतिवार्ता के दूसरे दौर पर सस्पेंस जारी है और सीजफायर खत्म होने का समय करीब आ रहा है. इन सबके बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज की खतरनाक नाकेबंदी की हुई है. खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना इसका सबूत भी दिखा रही है. अमेरिका की सेंट्रल कमांड (यूएस सेंट्रल कमांड) ने X पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में एक अमेरिकी सैनिक हेलीकॉप्टर में बैठकर मशीन गन पकड़ा हुआ है और एक माल ढोने वाले जहाज (कार्गो शिप) को चेतावनी दे रहा है कि वह ईरान के बंदरगाहों से अंदर या बाहर जाने की कोशिश न करे. यह दिखाता है कि अमेरिका की सेना ईरान के साथ युद्ध के दौरान नाकाबंदी को कैसे लागू कर रही है.

ईरान ने भी अपनी तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद कर रखा है, जिससे चिंता बढ़ गई है कि इसका असर दुनिया के तेल व्यापार पर तुरंत पड़ेगा. ईरान ने फिर से बातचीत के लिए यही शर्त रखी है कि पहले अमेरिका नाकेबंदी खत्म करे.

वीडियो में क्या कहा?

CENTCOM के वीडियो में एक अमेरिकी सैनिक एक बड़े मशीन गन को जहाज की तरफ ताने हुए दिखता है, और रेडियो पर चेतावनी दी जा रही है. वह रेडियो पर कहता है: “यह यूनाइटेड स्टेट्स का युद्धपोत 115 है. आप एक सैन्य नाकाबंदी वाले इलाके में प्रवेश कर रहे हैं. ईरान के बंदरगाहों की यह नाकाबंदी लागू की जाएगी और यह सभी जहाजों पर लागू होती है, चाहे वे किसी भी देश के हों.”

आगे कहा गया: “जो भी जहाज ईरान के बंदरगाह में आने या जाने की कोशिश करेगा, उसे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार रोका और जांचा जाएगा. अगर आप नाकाबंदी से बचने की कोशिश करेंगे, तो हम ताकत का इस्तेमाल करके आपको रोकेंगे.”

CENTCOM ने इस पोस्ट में कहा कि जब से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले जहाजों पर नाकाबंदी शुरू हुई है, तब से अमेरिकी सेना ने 27 जहाजों को वापस मुड़ने या ईरानी बंदरगाह लौटने के लिए मजबूर किया है. वहीं ईरान भी होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका के साथ शांति बातचीत में अपने मुख्य हथियार (कार्ड) के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है, लेकिन ऐसा करना उसके लिए जोखिम भरा भी है.

दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर ईरान को बातचीत में ताकत मिल सकती है, लेकिन इसका नुकसान उसे खुद भी उठाना पड़ रहा है, क्योंकि अमेरिका की नाकाबंदी से उसका हर दिन करोड़ों डॉलर का तेल निर्यात रुक गया है.

सीजफायर खत्म होने के करीब

भारतीय समयानुसार गुरुवार की तड़के सुबह दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म होने वाला है. अगर फिर से होर्मुज को लेकर संघर्ष शुरू होता है, तो यह ईरान की नई नेतृत्व व्यवस्था को भी हिला सकता है. अभी नए सुप्रीम लीडर खामेनेई के बेटे मोजतबा सार्वजनिक रूप से सामने भी नहीं आए हैं. ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ, जो पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में रहे हैं और अमेरिका के साथ बातचीत में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, ने कहा “यह जलडमरूमध्य इस्लामिक रिपब्लिक के नियंत्रण में है.”  

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