लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई (CBSE) के ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम और रिजल्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर 12वीं कक्षा के छात्रों से मुलाकात की. राहुल गांधी ने इस मुलाकात की एक वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर की है. वीडियो में सीबीएसई छात्र वेदांत भी नजर आ रहे हैं. वीडियो में वेदांत राहुल गांधी से कहते हुए नजर आ रहे हैं कि मेरे को पाकिस्तान एजेंट तक बोला गया. वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, “मेरे साथी देशद्रोही सोरोस (Soros) एजेंट्स” के साथ बातचीत. वेदांत और उसके दोस्त प्रतिभाशाली, बहादुर युवा भारतीय हैं, जिन्होंने सीबीएसई और मोदी सरकार से आसान सवाल पूछे – लेकिन जवाब के बजाय उन्हें अपमान मिला. वे एक उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के हकदार हैं. हम सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें यह मिले”.
A revealing chat with my fellow “anti-national Soros agents.”
Vedant and his friends are brilliant, brave young Indians who asked CBSE and the Modi government simple questions – but got insults instead of answers.
They deserve a bright and secure future. We will make sure they… pic.twitter.com/5InBxgJv1B
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 31, 2026
राहुल गांधी से बात करते हुए एक छात्र ने कहा, “इन्होंने हमें देश-विरोधी कहना शुरू कर दिया”. इसपर राहुल गांधी ने कहा, ’17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स…’, भईया आतंकी के चेहरे तो दिखाओ”. वीडियों में 12वीं के छात्र वेदांत ने कहा, “जब मैं शीट देखता हूं, फिजिक्स की, तो उसका एग्जाम मेरा बहुत अच्छा जाता है. उसमें मेरे अच्छे नंबर आएंगे. लेकिन नंबर नहीं आए, तो उसके बाद हमारे पास ऑप्शन था कि अगर आपके नंबर कम आते हैं, तो फोटो कॉपी के लिए अप्लाई कर सकते हैं… उसकी कॉपी जब मैं खोलता हूं, तो उसमें मेरी हैंडराइटिंग नहीं थी. मैंने देखा की ये मेरी शीट नहीं थी. तो अपनी ये दिक्कत एक्स पर लेकर आए. लोगों साथ मिला कि ये तो एकदम हटके केस हो रहा है”.
इस दौरान एक अन्य छात्र ने कहा कि हमें डीप स्टेट एजेंट्स कहा गया. इसपर हंसते हुए राहुल गांधी ने कहा, “17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स…” फिर राहुल गांधी ने बच्चों से पूछा कि डीप स्टेट क्या होता है, भाई?
छात्र ने कहा उन्होंने हमें भारत विरोधी और पाकिस्तानी कहना शुरू कर दिया. इस पर राहुल ने कहा, “ये तो पागलपन है. ये सही नहीं था. आप लोग छात्र हो, आपको इससे कुछ नहीं लेना देना, आप लोग तो अपनी आंसर शीट के बारे में ही पता कर रहे थे. लेकिन एकदम आप राष्ट्र-विरोधी बन गए. परेशानी को हल करने की जगह बच्चों को ही दोष देना शुरू कर दिया”.


