5 महीने में ही खत्म हुआ बचपन का प्यार: ‘मुंबईया’ लाइफस्टाइल और बेरोजगारी के तानों ने उजाड़ दी हंसती-खेलती दुनिया

5 महीने में ही खत्म हुआ बचपन का प्यार: 'मुंबईया' लाइफस्टाइल और बेरोजगारी के तानों ने उजाड़ दी हंसती-खेलती दुनिया 5 महीने में ही खत्म हुआ बचपन का प्यार: 'मुंबईया' लाइफस्टाइल और बेरोजगारी के तानों ने उजाड़ दी हंसती-खेलती दुनिया

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के महज 5 महीने बाद ही एक हंसते-खेलते परिवार का खौफनाक अंत हो गया. यहां एक पति ने अपनी गर्भवती पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर खुद भी फांसी के फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी. यह दिलदहला देने वाली घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

बचपन का रिश्ता, प्यार और फिर निकाह 

गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के मुकारीपुर गांव के रहने वाले शादाब (25 वर्ष) की शादी रिश्ते में उसकी बुआ की बेटी निकहत निशा (24 वर्ष) से तय हुई थी. दोनों की सगाई बचपन में ही हो गई थी. वक्त के साथ दोनों बड़े हुए और आपस में बातचीत के दौरान दोनों में प्यार हो गया. दोनों परिवारों की रजामंदी से पिछले साल 7 नवंबर 2025 को दोनों का निकाह बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ. निकाह के बाद मुंबई के आधुनिक माहौल में पली-बढ़ी और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाने वाली निकहत, गोरखपुर के मुकारीपुर गांव में अपने पति के घर आ गई.

रहन-सहन और बेरोजगारी को लेकर शुरू हुआ विवाद

शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच का प्यार कलह में बदलने लगा. पुलिस को मिले व्हाट्सएप चैट और परिजनों के बयानों से साफ हुआ है कि शादी के महज 5 महीनों के भीतर ही दोनों में छोटे-मोटे विवाद होने लगे थे. मुंबई की खुली आबोहवा और आधुनिक लाइफस्टाइल में रहने वाली निकहत का लोअर-टीशर्ट पहनना शादाब और उसके परिवार को रास नहीं आ रहा था. शादाब अक्सर निकहत के पहनावे को लेकर टोकता था और उसे लोअर-टीशर्ट की जगह गांव के माहौल के मुताबिक अदब और तहजीब वाले कपड़े पहनने के लिए कहता था.

वहीं दूसरी ओर, निकहत को शादाब के पुराने ख्यालात और उसका कोई काम-धंधा न करना बिल्कुल पसंद नहीं था. शादाब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं था, जिसे लेकर निकहत उस पर काम करने का दबाव बनाती थी और अक्सर उसे ‘बेरोजगार’ होने के ताने देती थी. इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद बढ़ता चला गया.

कमरे में मिलीं दोनों की लाशें

मृतक शादाब की मां नजीबुन निशा ने पुलिस को बताया कि सोमवार 11 मई की रात दोनों पति-पत्नी काफी उदास थे और अलग-अलग बैठे थे. जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो दोनों में से किसी ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद दोनों ने रात का खाना खाया और अपने कमरे में सोने चले गए.

अगले दिन मंगलवार 12 मई की सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो शादाब की बहन सुमैया ने उन्हें आवाज लगाई. अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर शक होने पर सुमैया ने खिड़की से झांककर देखा, तो उसके होश उड़ गए. अंदर का मंजर देखकर वह चीख पड़ी. कमरे के भीतर शादाब का शव पंखे से लटक रहा था, जबकि निकहत बेड पर बेसुध पड़ी थी और उसके मुंह से झाग निकल रहा था. सुमैया की चीख सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत बेलघाट पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया और दोनों के शवों को बाहर निकालकर फॉरेंसिक जांच के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

शुरुआती जांच में बंद कमरे के हालात को देखकर पुलिस और परिजन इसे पारिवारिक कलह के कारण सामूहिक सुसाइड का मामला मान रहे थे. उन्हें लग रहा था कि निकहत ने जहर खाया है और शादाब ने फांसी लगाई है. लेकिन बुधवार की देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि मृतका निकहत निशा गर्भवती (प्रेग्नेंट) थी और उसकी मौत जहर खाने से नहीं, बल्कि गला दबाने (गला घोंटने) के कारण हुई थी. इस रिपोर्ट के बाद पूरी तस्वीर साफ हो गई. पुलिस के मुताबिक, सोमवार की रात हुए झगड़े के बाद गुस्से और तनाव में आकर शादाब ने पहले अपनी गर्भवती पत्नी निकहत की गला दबाकर बेरहमी से हत्या की और उसके बाद खुद पंखे के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली.

गोरखपुर के एसपी साउथ दिनेश पुरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक ही कमरे के अंदर से पति-पत्नी के शव बरामद हुए थे. पहले दोनों के सुसाइड करने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पति ने पहले पत्नी की हत्या की और फिर खुद फंदा लगाकर जान दे दी.

जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले कई दिनों से दोनों के वैवाहिक रिश्तों में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था. निकहत मुंबई की रहने वाली थी और वह खुद को गांव के माहौल में ढाल नहीं पा रही थी, वहीं शादाब की बेरोजगारी और कमजोर आर्थिक स्थिति को लेकर भी दोनों के बीच अक्सर तीखी बहस होती थी. निकहत द्वारा शादाब को बेरोजगार और दकियानूसी (पुराने ख्यालात का) कहने के ताने दिए जाते थे. इसी आपसी कलह और तनाव के चलते इस प्रेम कहानी का बेहद खौफनाक और दुखद अंत हुआ. पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.





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