तो सिस्टम पर से भरोसा उठ जाएगा… TMC ने चुनाव आयोग से कहा- स्ट्रॉन्ग रूम CCTV का चौबीसों घंटे एक्सेस दीजिए

Latest and Breaking News on NDTV NDTV 'वॉक द टॉक': बंगाल में सिर्फ TMC, चौथी बार बनाएंगे सरकार- चुनाव प्रचार के दौरान बोलीं मंत्री शशि पांजा


कोलकाता:

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग (ECI) को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के तहत मतदान संपन्न होने के बाद ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ की चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी की शुक्रवार को मांग की. ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में सीलबंद ईवीएम रखी गई हैं. टीएमसी नेता शशि पांजा ने राज्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरों की बार-बार होने वाली गड़बड़ी पर चिंता जताई और निगरानी के सभी रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की. 

तृणमूल कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल के कार्यालय का दौरा किया और उन्हें पत्र सौंपा. कोलकाता के दो मतगणना केंद्रों पर गुरुवार देर शाम उस समय भारी हंगामा हुआ, जब तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा चुनावों की सीलबंद ईवीएम वाले ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ में पारदर्शिता की कमी और गड़बड़ी किए जा सकने का आरोप लगाया.

तृणमूल उम्मीदवारों शशि पांजा और फिरहाद हकीम ने संवाददाताओं से कहा कि हरिपाल, जलपाईगुड़ी, सागरदिघी, रामपुरहाट, घाटल, औसग्राम, आरामबाग, तामलुक, तपन, तूफानगंज, मयनागुड़ी, जयनगर, कसबा और सतगछिया जैसे कई इलाकों में ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ परिसर में लगे सीसीटीवी के खराब होने की खबरें आई हैं.

पांजा ने कहा, ‘‘हमने एक उप सीईओ को ज्ञापन सौंपा और अधिकारियों को बताया कि सीसीटीवी की खराबी को ठीक किया जाना चाहिए. सीसीटीवी निगरानी में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए और वीडियो प्रसारण में भी कोई बाधा नहीं आनी चाहिए.” उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर ‘वेबकास्टिंग’ की व्यवस्था की थी और मतगणना केंद्रों पर भी ऐसी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए.

पांजा ने दावा किया, ‘‘निर्वाचन आयोग हर दिन नियम बदल रहा है. आयोग को संदेह से परे रहकर काम करना चाहिए. हमें पारदर्शिता चाहिए. निर्वाचन आयोग को भाजपा द्वारा कल कही गई बात को दोहराना नहीं चाहिए. ऐसा लगता है कि भाजपा आज जो सोचती है, आयोग अगले दिन वही कहता है.”

टीएमसी नेता ने कहा, “आज हमने चुनाव आयोग को बताया कि दिखाए जा रहे सीसीटीवी फुटेज कुछ स्ट्रांगरूम के हैं, लेकिन कई केंद्रों पर जहां ईवीएम या मतपेटियां रखी हैं, वहां कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे हैं. फुटेज स्पष्ट नहीं है, उसमें दिक्कतें आ रही हैं. अगर हम ठीक से देख ही नहीं पाएंगे, तो हमें कैसे पता चलेगा कि कुछ गड़बड़ हुई है?”

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उन्होंने कहा कि कल शाम हमने कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र के फुटेज देखे, जहां कुछ लोग अंदर थे. इससे गंभीर सवाल उठते हैं- वे अंदर क्यों थे, वे क्या कर रहे थे, और राजनीतिक दलों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई? अगर सीसीटीवी कैमरे ही ठीक से काम नहीं करेंगे, तो लोगों का सिस्टम पर से भरोसा उठ जाएगा. हमने ऐसे सभी केंद्रों की सूची भी मांगी है.

पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने कहा कि हमने स्ट्रॉंग रूम में सीसीटीवी निगरानी में बार-बार हो रही रुकावटों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराने को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. मतदान किए गए ईवीएम/वीवीपीएटी की सुरक्षा सुनिश्चित कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है. हमें विश्वसनीय रूप से ये जानकारी मिली है कि कई स्ट्रॉंग रूम में सीसीटीवी सिस्टम बार-बार बंद हो रहे हैं, जिससे निरंतर निगरानी में रुकावट आ रही है.

उन्होंने कहा कि कोलकाता के अलावा जलपाईगुड़ी के स्ट्रॉंग रूम से मिली रिपोर्टों में भी निगरानी में अनियमितताओं का संकेत मिला है. गाइघाटा एसी में, कैमरे की फीड बार-बार रुक रही है. इस संबंध में पहले ही ऑब्जर्वर को शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है.

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इसके अलावा हरिपाल एसी स्ट्रॉंग रूम (चंदननगर सरकारी कॉलेज) में भी सीसीटीवी बार-बार चालू और बंद हो रहा है. इसी तरह की शिकायतें सागरदिघी (जांगीपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज), रामपुरहाट कॉलेज और घाटाल रवींद्र शताब्दी महाविद्यालय से भी मिली हैं, जहां महत्वपूर्ण समय के दौरान कैमरे कथित तौर पर बंद हो गए थे.

टीएमसी के मुताबिक औसग्राम, आरामबाग, नलहाटी, एग्रा, सालबोनी, तामलुक, पताशपुर, सिंधु घाटी, हरिरामपुर, कुशमंडी, तपन, बलूरघाट, रायगंज, इस्लामपुर, तुफानगंज, जलपाईगुड़ी, मैनागुड़ी, जयनगर, कुलतली, बरुईपुर पश्चिम, कस्बा और सतगाछिया विधानसभा क्षेत्रों से भी सीसीटीवी में अनियमित रुकावटों और निगरानी की ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं.

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शशि पांजा ने कहा कि इस तरह की रुकावटें भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन करती हैं, जिसके अनुसार स्ट्रांग रूम की 24×7 निर्बाध सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य है, जिसमें निरंतर रिकॉर्डिंग और अधिकृत लोगों को ही पहुंच की सुविधा होनी चाहिए. इस संबंध में किसी भी तरह की चूक से मशीनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास और भी कमजोर होता है, जहां पहले से ही विश्वास की कमी है.

स्ट्रांग रूम की संवेदनशीलता को देखते हुए, शिकायतें उठाए जाने के बावजूद, इन बार-बार होने वाली विफलताओं को सामान्य तकनीकी खराबी कहकर खारिज नहीं किया जा सकता.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को हुआ था. मतगणना चार मई को होगी.

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