यूरोपीय संघ पर ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम, अब लगाया 25 फीसदी शुल्क, क्यूबा पर भी लगाए प्रतिबंध

यूरोपीय संघ पर ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम, अब लगाया 25 फीसदी शुल्क, क्यूबा पर भी लगाए प्रतिबंध यूरोपीय संघ पर ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम, अब लगाया 25 फीसदी शुल्क, क्यूबा पर भी लगाए प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर टैरिफ 25 फीसदी करने का ऐलान किया है. ट्रंप के इस ऐलान के बाद अब यूरोपीय संघ के देशों से आने वाले कारों और ट्रकों पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ जाएगा. ट्रंप ने कहा है कि वह यूरोपीय संघ पर लगने वाले टैरिफ को बढ़ाकर 25 फीसदी कर रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस फैसले की जानकारी अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म से दी है. उन्होंने लिखा कि इस तथ्य के आधार पर की यूरोपीय संघ हमारे पूरी तरह से सहमत व्यापार समझौते का पलान नहीं कर रहा है. अगले सप्ताह मैं अमेरिका में आने वाली कारों और ट्रकों पर यूरोपीय संघ से लिए जाने वाले टैरिफ को बढ़ा दूंगा. इस टैरिफ को बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा. 

उन्होंने आगे लिखा कि हालांकि, यदि वे अमेरिका के प्लांट्स में कारों और ट्रकों का प्रोडक्शन करते हैं तो कोई टैरिफ नहीं लगेगा. कई ऑटोमोबाइल और ट्रक प्लांट्स मौजूदा समय में निर्माणाधीन हैं, जिनमें 100 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया जा रहा है. जो कार और ट्रक निर्माण के इतिहास में एक रिकॉर्ड है. ये प्लांट्स जिनमें अमेरिकी कर्मचारी काम करेंगे जल्द ही खुलने वाले हैं. आज यूएस में जो हो रहा है वो पहले यहां कभी नहीं हुआ है. 

क्यूबा पर भी लगाए प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को क्यूबा के खिलाफ नए प्रतिबंधों का आदेश दिया, जिसमें कम्युनिस्ट शासित देश के कई लोगों को निशाना बनाया गया है और उनके साथ काम करने वाले विदेशी बैंकों को भी धमकी दी गई है.

ये उपाय ट्रंप प्रशासन द्वारा क्यूबा पर भारी दबाव बनाने के अभियान का नवीनतम हिस्सा हैं, जो अमेरिका द्वारा वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति बंद करने के बाद एक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है.

एक कार्यकारी आदेश में, ट्रंप ने कहा कि वह क्यूबा की अर्थव्यवस्था के व्यापक क्षेत्रों से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगाएंगे, जिसका संचालन सरकार द्वारा किया जाता है.

आपको बता दें कि बीते कुछ समय से अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच संबंध कुछ सही नहीं चल रहे हैं. यही वजह है कि पिछले महीने ही यूरोपीय संघ के देशों ने संयुक्त राष्ट्र वार्ता में शिपिंग से होने वाले CO2 उत्सर्जन पर ग्लोबल प्राइस के लिए दबाव बनाए रखने पर सहमति जताई, जिससे इस प्रस्ताव पर अमेरिका के साथ एक और संभावित टकराव की स्थिति बन गई थी

क्यों आमने-सामने आए

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) में सरकारों ने पिछले साल जलवायु योजना को एक साल के लिए स्थगित करने का फैसला किया था, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने इस उपाय का कड़ा विरोध किया था और इसका समर्थन करने वाले प्रतिनिधियों पर प्रतिबंध और वीजा प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी. रॉयटर्स द्वारा देखे गए यूरोपीयनसंघ की वार्ता स्थिति के अनुसार, इससे यूरोपीय देशों को योजना को पुनर्जीवित करने के प्रयास करने से नहीं रोका जा सका था

दस्तावेज में कहा गया था यूरोपीय संघ के देश बैठक में जलवायु उपायों पर बातचीत से हटाने के किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे. दस्तावेज में कहा गया था कि अगर इससे समर्थन जुटाने में मदद मिलती है, तो यूरोपीय संघ के देश मूल कार्बन मूल्य निर्धारण योजना में बदलाव पर विचार करेंगे. हालांकि, कुछ यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने कहा था अमेरिका के कड़े विरोध को देखते हुए जलवायु उपायों पर किसी भी समझौते के पारित होने की संभावना कम है.

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