Election results bengal 2026: बंगाल में खेला हो गया. बीजेपी का कमल खिल गया. रुझानों में बीजेपी को 193 सीटों मिल रही हैं, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी 100 सीटों से नीचे है. लेकिन इस चुनाव में बीजेपी के लिए कौन सा फैक्टर काम कर गया? और वो कौन लोग हैं जिसने बीजेपी को इतने बड़े अंतर से चुनाव जीतने की ओर अग्रसर कर दिया है. हालांकि अभी आधिकारिक आंकड़े नहीं आए हैं लेकिन बीजेपी रुझानों में बहुमत के जादुई आकंड़े से कहीं आगे निकलती दिख रही है.
62 सीटें बंगाल में मुस्लिम बहुल हैं. इसमें बीजेपी 19 सीटों में आगे दिख रही है. वहीं टीएमसी 39 सीटों पर आगे हैं. यानी मुस्लिम वोटरों ने बीजेपी से ज्यादा भरोसा टीएमसी पर दिखाया है.
बीजेपी को जीत किसने दिलाया?
वहीं अनुसूचित जाति ने भी बीजेपी पर भरोसा जताया है. बंगाल की 68 अनुसूचित जाति सीट में 49 पर भाजपा को बढ़त मिली हुई है. जबकि टीएमसी सिर्फ 18 सीटों पर आगे है.
‘भद्रलोक’ ने किसे दिया सबसे ज्यादा वोट ?
बंगाल में भद्रलोक ने भी बीजेपी को वोट दिया है. शहरों में रहने वाली आबादी ने बीजेपी जमकर वोट बरसाया है. अर्ध शहरी सीटों पर भी बीजेपी को बंपर वोट मिले हैं. करीब 47 अर्धशहरी सीटों में बीजेपी 33 पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सीएम ममता की टीएमसी सिर्फ 14 सीटों पर आगे है.
मतुआ ने किसे दिया वोट?
कोलकाता से सटे उत्तर 24-परगना जिले और उससे सटे नदिया जिले में बसा एक करोड़ से ज्यादा आबादी वाला मतुआ समुदाय पिछले कई चुनावों से कम से कम 40 सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता रहा है.
मतुआ कोई एक पार्टी का बंधा वोट बैंक नहीं है. वे मुद्दों पर स्विच करते हैं,जैसे CAA पर BJP की ओर, या स्थानीय विकास पर TMC की ओर. 2021 चुनाव में TMC ने मतुआ बहुल क्षेत्रों में जीत हासिल की, लेकिन 2024 में BJP ने कुछ सीटें छीनीं. हालांकि बीजेपी के प्रदर्शन को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि मतुआ ने बीजेपी के पक्ष में बटन दबाया है.
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