Mangal Ka Rashi Parivartan 2026: ज्योतिष में जिस भूमिपुत्र मंगल को नवग्रहों का सेनापति माना जाता है और जिसकी शुभता या फिर कहें आशीर्वाद के बगैर कोई भी साहसिक कार्य संभव नहीं है, वह 11 मई 2026 को दोपहर 12:39 पर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहा है. मंगल अपनी राशि में 20 जून 2026 तक रहेगा. इस दौरान मंगल मेष, कर्क, तुला एवं मकर राशि में रुचक राज योग बनाएंगे. इसी प्रकार इन्हीं चार राशियों के लिए 14 मई 2026 तक बुधादित्य योग भी बनेगा. इस दौरान शुक्र 14 मई तक वृषभ राशि में गोचर करेगा. 14 मई 2026 तक शुक्र वृषभ, सिंह, वृश्चिक एवं कुंभ राशि पर मालव्य योग बनाएंगे. उसके बाद 14 मई 2026 से 8 जून 2026 के बीच में मिथुन राशि में शुक्र गोचर करेगा.
2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे. जो मेष, कर्क, तुला एवं मकर पर हंस महापुरुष योग बनाएंगे. 8 जून 2026 के बाद बृहस्पति और शुक्र एक साथ कर्क राशि में होंगे. 15 जून 2026 से 20 जून 2026 के बीच में मिथुन राशि में सूर्य और बुध एक साथ मिलकर बुधादित्य योग बनाएंगे. अभी वर्तमान में सूर्य बुध एक साथ मेष राशि में 14 मई 2026 तक बुधादित्य योग बना रहे हैं. साथ ही साथ उपरोक्त समय में भद्र राज योग भी मिथुन राशि पर उद्धृत हो रहा है, जो कि कन्या धनु एवं मीन राशि पर प्रभावी रहेगा. 19 मई 2026 से 21 मई 2026 के बीच तथा 16 जून 2026 से 18 जून 2026 के बीच उपरोक्त दोनों समय में क्रमशः मिथुन राशि एवं कर्क राशि पर गजकेसरी योग भी बनेगा. आईए उपरोक्त ग्रह योगों को विचार करते हुए मेष लेकर मीन तक सभी 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव को विस्तार से जानते हैं.
मंगल के मेष राशि में गोचर का 12 राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
मेष
मेष राशि वालों के लिए यह समय आपके लिए काफी उत्साहपूर्ण है. इसमें आपका साहस प्रगति एवं प्रभुत्व देखने को मिलेगा. रुचक राज प्रभावित होकर के आपकी ऊर्जा शक्ति का विस्तार करेगा. शासन सत्ता का लाभ दिलाएगा. प्रारंभ के चार दिन में बुधादित्य योग के कारण स्थान परिवर्तन, पदोन्नति या कार्यक्षेत्र में कोई बड़ा परिवर्तन आपको आर्थिक लाभ दे सकता है, लेकिन परंतु अत्यधिक आवेश में लिया गया निर्णय थोड़ा सा हानिकारक हो सकता है इस बात का ध्यान रखना चाहिए.
द्वादश स्थान पर शनि का गोचर निश्चित तौर पर आर्थिक मामलों का दबाव बनाए रखना है, परंतु मंगल की उच्च ऊर्जा शक्ति के आगे शनि के खराब प्रभाव क्षीण साबित होंगे. घर परिवार में कुछ मांगलिक कार्य होने के योग बन रहे हैं. आर्थिक संपदा में वृद्धि होगी. मुख्य रूप से 16 जून से 18 जून कोई घर में मांगलिक कार्य हो सकता है. घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान भी हो सकता है. प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम की उपासना करना तथा सूर्य देवता को जल देना विशेष फलदायी होगा.
वृषभ

मंगल गोचर के प्रारंभिक चार दिन अर्थात 14 मई तक आपकी राशि पर मालव्य योग बन रहा है. शुक्र जो भौतिकता, वैभव एवं ऐश्वर्य के प्रतीक है. वह आपको भरपूर लाभ देंगे. ऐसा लगता है यह समय उत्साहपूर्ण होगा. एकाग्रता बढ़ेगा. लक्ष्य की प्राप्ति होगी. भौतिक सुख में वृद्धि होगी. विपरीतलिंगी संबंधों में आकर्षण एवं प्रगाढ़ता बढ़ सकती है. किसी मांगलिक कार्य हेतु प्रयास निश्चित सार्थक होगा. उपरोक्त 4 दिन छोड़ दिया जाए शेष पूरा डेढ़ महीने में आपको इस बात का ध्यान देना पड़ेगा कि द्वादश मंगल का गोचर आपके स्ट्रेस को न बढ़ाने पाये.
इस दौरान आप जल्दबाजी में कोई गलती ना करें. विद्यार्थियों का डिस्ट्रक्शन बहुत होगा, अतः ऐसी स्थिति में मां सरस्वती की आराधना करना सर्वाधिक हितकर होगा. गायत्री मंत्र का जाप आपके लिए लाभदायक साबित होगा. ब्रह्म मुहूर्त एवं रात्रि बेला में ध्यान साधना करना अथवा पढ़ाई करना आपके लिए हितकर है. जीवनसाथी अथवा प्रेमिका से आवेश में बात ना करें. अनावश्यक खर्चो को लेकर आप परेशान हो सकते हैं. अपने समय का सदुपयोग करें. अपने जीवन के हर क्षेत्र में थोड़ा संतुलन बनाने की चेष्टा करें. इस दौरान आप अपने मन पर नियंत्रण करने की चेष्टा करें. किसी दोस्त अथवा भाई से बिना वजह के तकरार हो सकती है.
मिथुन

मंगल गोचर के प्रारंभिक चार दिन शुक्र की द्वादश स्थिति थोड़ा सा स्ट्रेस में वृद्धि करेगा. साथ ही साथ एकादश भाव में मंगल सूर्य एवं बुद्ध आमदनी को लेकर के स्ट्रेस में वृद्धि कर सकते हैं. लेकिन 14 मई के बाद सूर्य एवं शुक्र दोनों का परिवर्तन कुछ अच्छा कुछ बुरा दोनों कहा जा सकता है. शुक्र का परिवर्तन में वृद्धि करेगा साथ ही साथ नई आशाओं को जन्म देगा. साथ ही उत्साह का संचार करेगा. जब तक शुक्र मिथुन राशि में गोचर करेगा तब तक आप पूरे उत्साह के साथ हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होंगे. अलबत्ता कुछ संबंधों से संबंधित आर्थिक चिंताएं आपको परेशान कर सकती हैं.
द्वादश स्थान पर सूर्य निश्चित तौर पर कुछ संबंधों को लेकर के स्ट्रेस हो सकता है. 8 जून से लेकर के 20 जून के बीच का जो समय है वह काफी उत्साह पूर्ण होगा बृहस्पति और शुक्र का द्वितीय भाव में होना आर्थिक सुख समृद्धि में वृद्धि करेगा. आपका यह समय काफी ज्यादा उत्साह पूर्ण होगा. यात्रा देशाटन का भरपूर लाभ मिलेगा. आपके कार्यक्षेत्र में भी वृद्धि होगी आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ पाठ प्रतिष्ठा में भी वृद्धि के असर दिखाई दे रहे हैं. नौकरी पैसे वालों के लिए प्रमोशन के महत्वपूर्ण योग बन रहे हैं.
कर्क

पराक्रम भाव पर रूचक योग बड़ा ही फलदाई है. साथ ही 2 जून के बाद राशि में उच्च के बृहस्पति का गोचर हंस महापुरुष योग को भी जन्म दे रहा है. मंगल के यह गोचर का समय आपके लिए काफी लाभप्रद साबित होने वाला है. यदि आप रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी या फिर राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े हैं तो आपके लिए अप्रत्याशित सफलता मिल सकती है. विद्यार्थियों के लिए भी काफी अनुकूल समय दिखाई दे रहा है. शासन सत्ता से जुड़े हुए लोगों के लिए भी पदोन्नति एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं. इस समय में आपका स्थान परिवर्तन मजबूत योग बन रहे हैं. बस आपको एक बात का ध्यान देना इस पूरे समय में आप आवेश में कोई कार्य न करें.
यह समय ऐसा गुजरने वाला है कि आप जो भी निर्णय लेंगे वह काफी सार्थक और सफलता देने वाला सिद्ध होगा. लेकिन 14 मई से 8 जून के बीच में शुक्र का राशि से द्वादश गोचर किसी स्त्री को लेकर के तनाव को जन्म देगा. घर में माता अथवा बहन से विनम्रतापूर्वक बात करें और उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें. विपरीतलिंगी व्यक्ति से दूरी बनाए रखें अन्यथा आप पर अनावश्यक आक्षेप लगने की आशंका है. इस दौरान आप भौतिक सुख-साधनों से जुड़ी चीजों या फिर दिखावे के लिए बड़ी धनराशि खर्च कर सकते हैं. कर्क राशि के जातकों को मंगल की आराधना करना और प्रतिदिन हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजन करना काफी लाभकारी होगा.
सिंह

सिंह राशि के जातकों के ऊपर इस समय शनि की ढैया चल रही है परंतु भाग्य स्थान में मंगल का प्रवेश अप्रत्याशित लाभ देने का सूचक है. मंगल गोचर के बाद 14 मई तक पराक्रम भाव पर मालव्य योग उद्धृत हो रहा है, जो काफी शुभ और फलदाई है. यह आपके सुख और वैभव में वृद्धि करेगा. यह आपके पारिवारिक वातावरण को काफी सुखद बनाएगा, लेकिन 14 तारीख के बाद शुक्र एकादश भाव में प्रवेश करेगा और आपके पारिवारिक वातावरण पर खराब प्रभाव डालेगा। एक आदर्श भाव के मंगल के कारण अष्टम का शनि एक्टिव होगा इसलिए आपके स्ट्रेस में वृद्धि कर सकता है. ऐसी स्थिति में थोड़ा सा स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा.
2 जून के बाद द्वादश का बृहस्पति निश्चित तौर पर स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें एवं चिताओं में वृद्धि कर सकता है. बहुत सारी नकारात्मक विचार आपको परेशान करेंगे ऐसे में जो लोग मधुमेह या हृदय रोग के रोगी हैं उन्हें विशेष ख्याल रखना चाहिए. पारिवारिक छोटी-छोटी तनाव भी आपको परेशान करेगी. 16 जून से 18 जून के बीच में आपको अत्यधिक तनाव हो सकता है. इस बीच में यदि संभव हो तो अपनी यात्राओं को सीमित करें या फिर स्थगित करें. हालांकि भाग्य स्थान का मंगल आपको हर स्थिति से बचाने में सहायक होगा. यह मंगल का गोचर आपके लिए लाभप्रद जरूर है, लेकिन उपरोक्त ग्रह भी आपको परेशान करेंगे. ऐसे में प्रत्येक शनिवार को कोई काली वस्तु का दान करें. बृहस्पति के बीज मंत्र का 108 बार पद्मासन में बैठकर के उच्चारण करें.
कन्या

कन्या राशि के जातकों के लिए अष्टम का मंगल थोड़ा सा स्वास्थ्य और परिवार की दृष्टि से हानिकारक है. यह आपके पारिवारिक वातावरण में तनाव उत्पन्न कर सकता है. आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा. यदि आप रक्तचाप, गुर्दे अथवा हृदय संबंधी रोग से प्रभावित हैं तो आपको लापरवाही नहीं बताना चाहिए. इस समय में कुछ लोगों को वॉटर रिटेंशन की दिक्कत हो सकती है. खर्चो को नियंत्रित करने की चेष्टा करें. हालांकि शुक्र का वृषभ राशि में गोचर होना और 14 तारीख के बाद उसका मिथुन राशि में गोचर करना आपके लिए लाभप्रद है. साथ साथ ही साथ 8 जून के बाद शुक्र का कर्क राशि में होना भी आपके लिए काफी लाभदायक होगा जो मंगल के इस खराब प्रभाव से बचाने में सहायक होगा.
साथ ही साथ राशि स्वामी बुद्ध का भाग्य स्थान 29 में तक होना और उसके बाद दशम भाव पराक्रम स्थान में गोचर करना आपको सुरक्षा कवच प्रदान करेगा. साथ ही 29 मई से 8 जून के बीच में शुक्र बुध का दशम भाव में एक साथ होना एक बड़े राज्य योग को बनता है, जो आपके लिए आर्थिक प्रगति, उत्साह वृद्धि और मांगलिक कार्यों का सूचक है. निश्चित तौर पर आपके जीवन में यह योग खुशियों का संचार करेगा. आपको मुख्य रूप से 11 मई से लेकर के 14 मई के बीच में थोड़ी सी सावधानी बरतनी है. इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना है और बहुत ज्यादा तनाव नहीं लेना है. शेष पूरे समय में अच्छे ग्रहों की स्थिति आपके लिए काफी लाभप्रद है.
तुला

सप्तम भाव में मंगल रूचक योग बना रहा है. निश्चित तौर पर यह आपके उत्साह में वृद्धि करेगा. आपके पारिवारिक जीवन में सुधार करेगा, लेकिन यह भी तय है 15 मई से 29 मई के बीच में अष्टम भाव में सूर्य और बुध की युति स्वास्थ्य में दिक्कतें उत्पन्न करेगा. मुख्य रूप से वॉटर रिटेंशन, आपका पेट में एसिडिटी की दिक्कत दे सकता है. आर्थिक मामलों को लेकर के आपका स्ट्रेस बढ़ सकता है. इस दौरान आपको अपने क्रोध पर नियंत्रण करना है. साथ में खर्चों पर भी नियंत्रण करना होगा. तुला राशि के जातक बीती हुई बातों को बहुत ज्यादा ना सोचें.
29 मई के बाद भाग्य स्थान में बुध शुक्र की युति काफी लाभप्रद साबित होगी. इस दौरान आपकी आर्थिक प्रगति होगी और परिवार के साथ सुखी जीवन व्यतीत करेंगे. आत्मीय संबंधों से भरपूर प्रेम मिलेगा. कोई सुखद समाचार भी मिल सकता है. 8 जून के बाद शुक्र का दशम भाव में प्रवेश वैभव और विलासिता में वृद्धि करेगा. उत्साह में वृद्धि होगी और अपने नई योजनाओं को क्रियान्वयन करेंगे. जून के महीने में सरकारी नौकरी वालों का स्थान परिवर्तन और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि करायेगा. किसी मांगलिक आयोजन में आपकी व्यस्तता बढ़ सकती है. दांपत्य जीवन की दृष्टि से भी यह समय काफी अच्छा दिखाई दे रहा है.
वृश्चिक

प्रारंभिक चार दिन अर्थात् 14 मई तक मालव्य राज योग जरूर एक्टिव है, लेकिन 15 मई के बाद से अष्टम में गुरु एवं शुक्र निश्चित तौर पर स्वास्थ्य की दिक्कतों में वृद्धि कर सकते हैं. बहुत ज्यादा स्ट्रेस में वृद्धि कर सकते हैं या आपको बहुत इमोशनल बना सकते हैं. अत्यधिक पुरानी बातों को सोचना या रिश्तो में बहुत ज्यादा भावनात्मक अपेक्षा करना निश्चित परेशान करने वाला है. अच्छा होगा भगवान शंकर की आराधना करें. साथ ही साथ मेडिटेशन करने की कोशिश करें.
आपको अपने स्वास्थ्य का मुख्य रूप से 29 मई से 8 जून के बीच में विशेष ख्याल रखना होगा. इस बीच में आपको एंजायटी हो सकती है. हालांकि 2 जून से बृहस्पति का कर्क राशि में अर्थात भाग्य स्थान पर प्रवेश काफी लाभकारी होगा. पूर्व से चली आ रही स्थितियों में सुधार लाएगा. आपके उत्साह में वृद्धि करेगा. मन में नए-नए सकारात्मक विचारों का जन्म होगा और नई आशाओं की उत्पत्ति होगी. इस दौरान वृश्चिक राशि वालों को जल्दबाजी में कोई कार्य नहीं करना चाहिए. खर्च पर नियंत्रण रखें तथा बहुत ज्यादा भावनाओं में बह कर बड़े निर्णय लेने की गलती न करें.
धनु

मंगल का मेष राशि में प्रवेश काफी अच्छा है. पंचम भाव का मंगल आपके आत्मबल और उत्साह में वृद्धि करेगा, लेकिन आपको थोड़ा सा मृदभाषी बनने का प्रयास करना चाहिए. आपके द्वारा कभी-कभी जल्दबाजी में लिया गया निर्णय दिक्कत उत्पन्न कर सकता है, लेकिन बावजूद इसके आपका समय काफी अच्छा है. मंगल का यह परिवर्तन आपकी आर्थिक प्रगति में वृद्धि करेगा. पद-प्रतिष्ठा एवं वर्चस्व में भी वृद्धि होता हुआ दिखाई दे रहा है. आप हर स्थिति का बड़ा ही मजबूती से सामना करते हुए नई योजनाओं को क्रियान्वित करेंगे.
आपकी जन्मपत्री में 29 मई के बाद भद्र राज योग का जन्म हो रहा है, जो आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा तो कहा जाएगा साथ ही साथ यह योग सप्तम भाव में बन रहा है, इसलिए मुख्य रूप से यह जीवनसाथी के लिए अच्छा कहा जाएगा, लेकिन इसी बीच में 2 जून के बाद राशिपति बृहस्पति अष्टम भाव में प्रवेश कर रहे हैं. साथ ही 8 जून से शुक्र भी बृहस्पति के साथ अष्टम में गोचर करेंगे यह स्थिति स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से खराब कहा जाएगा. यदि आप मधुमेह रोगी हैं तो आपको विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
इस समय में कुछ ना कुछ तनाव तो बढ़ेगा ही. इस समय में आर्थिक रूप से या आमदनी को लेकर के काफी परेशान हो सकते हैं. आपको क्रोध पर नियंत्रण करना है. किसी भी तरह करके कानूनी मामलों से भी बचने की चेष्टा करना है. विपरीत लिंगी संबंधों में थोड़ा सा अपने आपको दूरी बनाए रखना चाहिए. भावनाओं में बहकर कोई निर्णय लेना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है. 16 से 18 जून के बीच विशेष सावधानी बरतें.
मकर

14 मई तक रुचक राजयोग एवं बुधादित्य योग दोनों ही चौथे घर में उद्धृत हो रहा है. हालांकि रुचक राजयोग पूरे समय में जब तक मंगल मेष राशि में रहेंगे तब तक एक्टिव रहेगा. निश्चित तौर पर आप इस समय अपनी सुख सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे सकते हैं. यह समय खर्चों का समय हो सकता है, लेकिन आर्थिक प्रगति भी इसी समय में होती हुई दिखाई दे रही है. 15 मई के बाद पंचम भाव में सूर्य बुध का होना निश्चित तौर पर आपके बौद्धिक क्षमता को उजागर करेगा. आप इस समय में थोड़े एक्टिव होते हुए दिखाई दे रहे हैं.
सर्वाधिक अच्छा समय 8 जून 2026 के बाद दिखाई दे रहा है. सप्तम भाव में शुक्र का गोचर काफी लाभप्रद होगा. इस समय में बृहस्पति एवं शुक्र दोनों ही सप्तम भाव में किसी मांगलिक आयोजन की तरफ इशारा कर रहे हैं. अविवाहितों का विवाह होने का मजबूत योग बन रहा है. किसी विपरीतलिंगी व्यक्ति के साथ आपके संबंध प्रगाढ़ हो सकते हैं. घर में खुशियों का माहौल बना रहेगा. इस दौरान आप कोई सुखद यात्रा भी कर सकते हैं. आर्थिक प्रगति के लिए आप नई योजनाओं पर कार्य करेंगे. सरकारी कर्मचारियों के स्थान परिवर्तन एवं पदोन्नति के मजबूत योग बन रहे हैं.
कुंभ

14 मई तक मालव्य योग चतुर्थ भाव में उद्धृत हो रहा है. शुक्र की स्थिति निश्चित तौर पर बहुत सारी समस्याओं को समाधान करने में सहायक साबित होगी, लेकिन शनि की साढ़ेसाती बीच-बीच में चिंता को बढ़ाती रहेगी. 15 जून से पंचम भाव में शुक्र का प्रवेश काफी लाभप्रद दिखाई दे रहा है. धीरे-धीरे बहुत सारी चिंताएं दूर करेगा. संतान पक्ष के लिए भी काफी सुखद होगा. चौथे घर में बुधादित्य योग आर्थिक प्रगति के दृष्टिकोण से अच्छा है. यह बहुत सारे पारिवारिक समस्याओं को समाधान करेगा. पारिवारिक वातावरण में खुशियों का संचार होगा.
29 मई के बाद से पंचम भाव में बुध का प्रवेश काफी लाभप्रद है उत्साह में वृद्धि करेगा और किसी नए कार्य के क्रियान्वयन के लिए उत्साहित करेगा. आप परिवार को संगठित और सुव्यवस्थित करने पर जोर देंगे. 2 जून के बाद से छठे घर में बृहस्पति का प्रवेश सेहत की दृष्टि से थोड़ा दिक्कत उत्पन्न कर सकता है. यदि आप मधुमेह के रोगी हैं तो आपको इस दौरान सावधानी बरतनी चाहिए. साथ ही साथ अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण करें.
मीन

मीन राशि वालों के लिए मंगल का मेष राशि में प्रवेश काफी लाभप्रद है. द्वितीय भाव में मंगल आर्थिक दृष्टिकोण से काफी लाभ पहुंचाएगा. साथ में 15 जून से तृतीय भाव में सूर्य और बुध पारिवारिक वातावरण को काफी लाभप्रद स्थिति में ले आएंगे. पारिवारिक वातावरण सुखद होगा. हालांकि 15 जून से चतुर्थ भाव का शुक्र थोड़ा सा माता के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है या फिर बहन से वाद-विवाद करवा सकता है. आपकी राशि पर साढ़ेसाती चल रही है. ऐसी स्थिति में जितना संभव हो बृहस्पति के बीज मंत्र का जाप करें.
15 मई से चतुर्थ भाव का शुक्र निश्चित तौर पर आपके खर्चों में वृद्धि कर सकता है, लेकिन मंगल हर स्थिति में आपके लिए सहायक दिखाई दे रहा है. 29 मई के बाद से आपकी राशि पर भद्र राजयोग उद्धृत हो रहा है, जो आर्थिक दृष्टिकोण से काफी लाभ देगा. यह आपकी सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि करेगा. बहुत सारे महत्वपूर्ण योजनाओं को भी सार्थक करने में सक्षम करेगा. 8 जून के बाद से पंचम भाव में शुक्र का प्रवेश कहीं ना कहीं आपको आलसी बना सकता है. ऐसे में थोड़ा अपने आप को एक्टिव करें. शुभ परिणामों के लिए आपको प्रतिदिन सूर्य उपासना करनी चाहिए.


