पश्चिम बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में जांच तेज हो गई है. CBI की SIT और फॉरेंसिक टीम ने मंगलवार को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में क्राइम स्पॉट का दौरा कर सबूत जुटाए, जहां इस हत्या को सुनियोजित कॉन्ट्रैक्ट किलिंग माना जा रहा है. CBI की विशेष जांच टीम (SIT), जिसमें फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल थे. वो मंगलवार को नॉर्थ 24 परगना जिले के मर्डर स्पॉट पर पहुंची. टीम का नेतृत्व DIG पंकज कुमार सिंह कर रहे थे. जिन्होंने घटनास्थल पर कई घंटे बिताकर घटनाक्रम को समझने और पहले जुटाए गए सबूतों की समीक्षा की.
1 करोड़ से ज्यादा खर्च कर रची गई साजिश
इस मामले में जांच एजेंसियों को शक है कि 6 मई को मध्यमग्राम में रथ की हत्या एक बेहद सुनियोजित ‘सुपारी किलिंग’ केस है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस हत्या को अंजाम देने में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हो सकते हैं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल दो हथियारों में से एक की कीमत ही अवैध बाजार में 10 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है.
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CBI ने संभाली जांच, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर CBI ने यह मामला राज्य पुलिस से अपने हाथ में ले लिया और FIR दर्ज की. कोलकाता की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) की टीम ने मौके से खून के नमूने और अन्य वैज्ञानिक सबूत जुटाए. इलाके में मंगलवार को भी भारी पुलिस की तैनाती रही और लोगों को कई सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा.
हत्या की साजिश में बड़े नेटवर्क का शक
जांचकर्ताओं का मानना है कि इस मर्डर में शूटर्स की हायरिंग, इलाके की रेकी करने और भागने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था करने जैसे कामों में भारी रकम खर्च हुई है. यही वजह है कि इसे बड़े स्तर की खतरनाक साजिश माना जा रहा है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इतनी बड़ी रकम किसने लगाई और इसके पीछे मंसूबा क्या था.
इंटरस्टेट कनेक्शन और कई आरोपियों की भूमिका
CBI और फॉरेंसिक टीम अब बैलिस्टिक एविडेंस और अन्य सामग्री का विश्लेषण कर रही है. जांच में अंतरराज्यीय अपराधियों की भूमिका का भी शक जताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड में कम से कम 8 लोगों के शामिल होने की आशंका है. UP और बिहार से तीन आरोपियों मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है. पूछताछ में आरोपी लगातार बयान बदल रहे हैं और अदालत ने उन्हें 24 मई तक 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
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कैसे हुई हत्या, अब भी कई सवाल बाकी
6 मई की रात मध्यमग्राम के दोहेरिया लेन में चंद्रनाथ रथ की SUV को एक सिल्वर कार ने रोका, जिसके बाद दोपहिया सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. हमलावर मौके से लाल कार और मोटरसाइकिल से फरार हो गए, बाद में दो बाइक बरामद हुईं. सभी वाहनों के नंबर प्लेट फर्जी पाए गए और इंजन-चेसिस नंबर से छेड़छाड़ की गई थी. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रथ की मूवमेंट की सटीक जानकारी आरोपियों को कैसे मिली, साजिश के पीछे मास्टरमाइंड कौन है और हत्या का असली मकसद क्या था.


