Religion Conversion in India: धर्म परिवर्तन के शक में पति-पत्नी को जूतों की माला पहनाकर धुमाया गया, हाथरस पंचायत की शर्मनाक करतूत

Religion Conversion in India: धर्म परिवर्तन के शक में पति-पत्नी को जूतों की माला पहनाकर धुमाया गया, हाथरस पंचायत की शर्मनाक करतूत Religion Conversion in India: धर्म परिवर्तन के शक में पति-पत्नी को जूतों की माला पहनाकर धुमाया गया, हाथरस पंचायत की शर्मनाक करतूत

Hathras Religion Conversion News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस (Hathras) जिले के मुरसान कोतवाली क्षेत्र के गांव गारव गढ़ी में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां केवल धर्म परिवर्तन के संदेह मात्र पर एक युवक और उसकी पत्नी को न केवल बेरहमी से पीटा गया, बल्कि पंचायत बुलाकर उन्हें जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया गया.

धर्म परिवर्तन का संदेह 

जानकारी के मुताबिक गांव के निवासी बलराम पर उसके परिजनों और ग्रामीणों ने शक जताया था कि उसने ईसाई धर्म अपना लिया है. आरोप है कि वह गुपचुप तरीके से धर्म परिवर्तन कर चुका है और घर में ईसाई परंपराओं का पालन कर रहा है. इसी बात को लेकर घर में पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा था. विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब बलराम के पिता और भाई ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. देखते ही देखते घर से शुरू हुआ विवाद पंचायत तक जा पहुंच गया.

पति के साथ पत्नी को भी किया अपमानित

दरअसल, परिवार वालों ने ही मामले को सामाजिक रंग देते हुए पंचायत बुलाई. पंचायत के दौरान बलराम को जबरन जूतों की माला पहनाई गई, जब बलराम की पत्नी ने अपने पति का बचाव करने और इस अमानवीय कृत्य का विरोध करने की कोशिश की, तो दबंगों ने उसे भी नहीं बख्शा और पत्नी को भी जूतों की माला पहनाकर अपमानित किया. इसके बाद पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा कर दी गई. 

वीडियो वायरल होने पर जागी पुलिस

इस पूरी अमानवीय घटना का वीडियो किसी ग्रामीण ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ के बीच एक दंपत्ति को अपमानित किया जा रहा है और लोग मूकदर्शक बने हुए हैं. 

इस पूरे मामले पर हाथरस के क्षेत्राधिकारी योगेंद्र कृष्ण नारायण का कहना है कि मारपीट करने और अपमानित करने वाले लोगों की पहचान की जा रही हैॉ. धर्म परिवर्तन के आरोपों की भी जांच की जाएगी, लेकिन प्राथमिकता उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना है, जिन्होंने कानून हाथ में लेकर एक महिला और पुरुष की गरिमा को सरेआम तार-तार किया. 




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