वेनेजुएला में आज आया पहले भूकंप (7.2 तीव्रता) का केंद्र जमीन से 22 किमी नीचे थी जबकि दूसरे भूकंप (7.5 तीव्रता) का केंद्र जमीन से केवल 10 किमी नीचे थे. यह दोनों कम गहराई वाले भूंकप थे. कम गहराई वाले भूकंप आम तौर पर ज्यादा गहराई वाले भूकंपों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि कम गहराई वाले भूकंपों से निकलने वाली भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके कारण जमीन ज्यादा जोर से हिलती है और इससे इमारतों को ज्यादा नुकसान और जान-माल का ज्यादा नुकसान हो सकता है.
बता दें कि भूकंप पृथ्वी की सतह से लेकर सतह के नीचे लगभग 700 किलोमीटर तक कहीं भी आ सकते हैं. USGS के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप की 0 से 700 किलोमीटर की गहराई वाली इस रेंज को तीन जोन में बांटा गया है: उथले (कम गहराई वाले), मध्यम और गहरे.
- कम गहराई वाले भूकंप 0 से 70 किलोमीटर की गहराई पर आते हैं
- मध्यम गहराई वाले भूकंप 70 से 300 किलोमीटर की गहराई पर आते हैं
- गहरे भूकंप 300 से 700 किलोमीटर की गहराई पर आते हैं
USGS के अनुसार, आम तौर पर 70 किलोमीटर से ज्यादा गहराई वाले भूकंपों के लिए “डीप-फ़ोकस अर्थक्वेक” (गहरे केंद्र वाले भूकंप) शब्द का इस्तेमाल किया जाता है.


