अपने बच्चों को ये 7 झूठ बोलना जरूर सिखाएं, मुश्किल समय में आएंगे काम

अपने बच्चों को ये 7 झूठ बोलना जरूर सिखाएं, मुश्किल समय में आएंगे काम अपने बच्चों को ये 7 झूठ बोलना जरूर सिखाएं, मुश्किल समय में आएंगे काम

आज के समय में बच्चों की सुरक्षा हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक बन गई है. बच्चे स्कूल जाते हैं, पार्क में खेलते हैं और कई बार घर के बाहर अकेले भी होते हैं. ऐसे में केवल उन्हें पढ़ाई या अच्छी आदतें सिखाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी देना भी बेहद जरूरी है.

छोटी-छोटी सावधानियां और सही जानकारी मुश्किल परिस्थितियों में बच्चों की रक्षा कर सकती हैं और उन्हें बड़े खतरे से बचा सकती हैं. यही वजह है कि दिल्ली पुलिस इन्स्पेक्टर साहिल खैरवाल ने 7 ऐसे झूठ या सुरक्षा से जुड़े सच बताए हैं, जिन्हें हर माता-पिता को अपने बच्चे को बचपन से ही जरूर सीखने चाहिए.

बच्चों की सेफ्टी के लिए जरूरी हैं ये 7 झूठ

घर में अकेले हों तो यह बात किसी को न बताएं

जब कोई अनजान व्यक्ति दरवाजे पर आकर पूछे कि मम्मी-पापा घर पर हैं या नहीं, तो बच्चे को कभी भी यह नहीं कहना चाहिए कि वह अकेला है. उसे जवाब देना चाहिए कि माता-पिता घर पर हैं. इससे गलत इरादे वाले लोग बच्चे को आसान निशाना नहीं समझते.

किसी से लिफ्ट न लें

अगर रास्ते में कोई अनजान व्यक्ति कार या बाइक से छोड़ने की बात करे, तो बच्चे को तुरंत मना करना चाहिए और दूरी बना लेनी चाहिए. जरूरत पड़े तो जोर से कहे कि “मेरे मम्मी-पापा मुझे लेने आ रहे हैं,” इससे बच्चे अनजान लोगों के झांसे में आने से बचते हैं.

चॉकलेट, खिलौने या खाने का लालच न लें

कई बार गलत इरादे वाले लोग बच्चों को चॉकलेट या खिलौनों का लालच देकर अपने करीब लाने की कोशिश करते हैं. ऐसी स्थिति में बच्चे को साफ मना करना सिखाएं और कहें कि “मेरे मम्मी-पापा पास में हैं.”

माता-पिता से कोई बात न छिपाएं

अगर कोई व्यक्ति बच्चे से कहे कि “यह बात मम्मी-पापा को मत बताना”, तो बच्चे को समझना चाहिए कि यह खतरे का संकेत हो सकता है. उसे घर जाकर तुरंत पूरी बात अपने माता-पिता को बतानी चाहिए.

निजी जानकारी किसी से साझा न करें

बच्चों को सिखाएं कि वे अपना पता, स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर या परिवार से जुड़ी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति को न बताएं. अगर कोई पूछे, तो बच्चे को साफ मना करना चाहिए.

रास्ता भटक जाएं तो किससे मदद लें

अगर बच्चा भीड़भाड़ वाली जगह पर खो जाए, तो उसे पुलिसकर्मी, सुरक्षा गार्ड या किसी महिला/परिवार से मदद मांगनी चाहिए.

खतरा महसूस हो तो जोर से आवाज लगाएं

अगर कोई बच्चा को जबरदस्ती पकड़ने या कहीं ले जाने की कोशिश करे, तो उसे जोर-जोर से चिल्लाना चाहिए और तुरंत सुरक्षित जगह की ओर भागना चाहिए.
 

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