आज के दौर में जहां दुनिया चांद पर घर बसाने की सोच रही है, वहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में आज भी लाखों लोग कबीलाई दौर वाली बंधुआ मजदूरी के दलदल में धंसे हुए हैं. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही झकझोर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है. इंस्टाग्राम पर ‘आरोन हचिंग्स’ (@aaronhutchings77) नाम के एक ब्रिटिश एक्टिविस्ट ने इस वीडियो को शेयर किया है.
दादा का कर्ज पोते की पीठ पर (Modern Slavery And Bonded Labour)
वीडियो में दिख रहा परिवार पिछले 130 सालों से, यानी कई पीढ़ियों से एक ईंट भट्ठे पर सिर्फ इसलिए पसीना बहा रहा था, क्योंकि इनके परदादा ने कभी भट्ठा मालिक से कुछ कर्ज लिया था. ब्याज के मकड़जाल और बहीखातों की हेराफेरी ने इनकी जिंदगी को ‘जहन्नुम’ बना दिया था.
अंग्रेज मसीहा ने चुकाया पाई पाई का हिसाब (Aaron Hutchings Frees Brick Kiln Family Video)
आरोन हचिंग्स ‘गुलामी का अंत करो’ कैंपेन के तहत पाकिस्तान के इन ईंट भट्ठों पर जाते हैं और अपनी जेब से भट्ठा मालिकों का पूरा कर्ज चुकाकर इन बेबसों को आजाद कराते हैं. इस बार भी जैसे ही उन्होंने इस परिवार के कर्ज का पैसा भरा, बरसों का यह खौफनाक सिलसिला हमेशा के लिए थम गया. आजादी मिलते ही उस परिवार की महिला के सब्र का बांध टूट गया और वह रोते हुए उस विदेशी एक्टिविस्ट के गले लग गई.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)


