Meta layoff: यह किस्सा है उस वक्त का जब मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta layoff news) में पहली बार इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी होने वाली थी. कंपनी की पूर्व कर्मचारी एडेल वू (Adele Woo) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि छंटनी की खबर सुनते ही ऑफिस का माहौल किसी ‘कयामत की रात’ (Doomsday) जैसा हो गया था. कर्मचारियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थीं और हर तरफ अजीब सी बेचैनी थी.
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फ्री के स्नैक्स और चार्जर से भरे बैग (Meta employees anxiety)
एडेल ने खुलासा किया कि, नौकरी जाने के खौफ और ‘कल हो ना हो’ वाले इस माहौल में कर्मचारियों ने अजीब हरकतें शुरू कर दीं. जिन्हें लग रहा था कि कल पत्ता साफ होने वाला है, वे ऑफिस के किचन और डेस्क से फ्री मिलने वाले चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स, स्नैक्स और यहां तक कि चार्जिंग केबल और चार्जर भी अपने बैग में ठूंस-ठूंस कर भरने लगे. लोग इस फिराक में थे कि नौकरी रहे न रहे, कंपनी से जितना वसूल सको वसूल लो.
during my last year at meta there were probably 4-5 layoffs, but this one on 5/20 is huuuge
my friends still there are either just waiting hoping to get laid off or extremely anxious because the job is their lifeline
i remember the very first big layoff the night before was… https://t.co/3fhVNzQjGn
— adel 🌟 (@adelwu_) May 16, 2026
‘ईमेल ऑफ डूम’ का खौफ और रात 3 बजे की नींद गायब (Meta job cuts)
मेटा के 18 साल के इतिहास में यह पहली ऐसी छंटनी थी, जिसने करीब 11,000 कर्मचारियों का सुकून छीन लिया. एक अन्य यूजर ने भी एडेल की पोस्ट पर मजे लेते हुए लिखा कि, उस दौरान लोग रात के 3-3 बजे उठकर अपना इनबॉक्स चेक करते थे कि, कहीं कंपनी की तरफ से ‘ईमेल ऑफ डूम’ यानी नौकरी से निकाले जाने का फरमान तो नहीं आ गया. लगातार होने वाले इस ‘पिंक स्लिप’ के ड्रामे ने टेक इंडस्ट्री में काम करने वालों का मनोबल पूरी तरह तोड़ दिया है.
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चाहे कोई कितनी भी बड़ी टेक कंपनी हो या वहां लाखों का पैकेज मिलता हो, लेकिन जब बात छंटनी पर आती है, तो इंसानी फितरत और डर एक जैसा ही होता है. मेटा की यह कहानी दिखाती है कि कॉर्पोरेट की चकाचौंध के पीछे असुरक्षा का कितना बड़ा समंदर छिपा है.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल खबर के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)


