Omraj Nimbalkar: महाराष्ट्र की सियासत का मौसम इन दिनों लगातार बदल रहा है. शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ओमराजे निंबालकर के शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के साथ जाने का एलान करने के साथ ही उद्धव ठाकरे के खिलाफ मानो ऑपरेशन टाइगर फिर से ऑन हो गया है. इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भी प्रतिक्रिया आई है. शिंदे बोले कि हम कोई ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते जबकि फडणवीस ने कहा कि ऑपरेशन सफल रहा है. पेशेंट की रिपोर्ट आ जाएगी.
ओमराजे निंबालकर ने कार्यकर्ताओं से बातचीत में क्या कहा?
“हमने स्थानीय निकाय चुनाव लड़े लेकिन सफलता नहीं मिली. सामने वालों के पास सत्ता और आर्थिक ताकत है. जिनका विरोध करने के लिए हम राजनीति में आए, वे कांग्रेस सरकार के समय भी मजे में थे और अब बीजेपी सरकार में भी वहीं हैं. हम सीमित संसाधनों के साथ कब तक लड़ते रहेंगे? मुझे ईमानदारी से लगता है कि हमें भी अब सत्ता का मार्ग अपनाना चाहिए.”
कार्यकर्ताओं के बिल रोके जाने का आरोप
उन्होंने कहा कि ”अगर किसानों का एक साधारण ट्रांसफार्मर ठीक करना हो, तो उसके लिए भी फंड नहीं है. हर साल बस एस्टीमेट बनते हैं. पाटिल परिवार सत्ता में है, वे खुद विधायक हैं और उनकी पत्नी जिला परिषद सदस्य हैं. क्या हम पागलों की तरह बस देखते रहें? हमें भी सत्ता का नेतृत्व स्वीकार करना चाहिए. हमारे कार्यकर्ताओं के बिल रोके जा रहे हैं.”
क्या मैं सिर्फ छवि बचाने के लिए सांसद बना हूं?
“20 साल बाद मामले में कोई आरोपी नहीं बचा, सभी निर्दोष छूट गए. कोर्ट भी मानता है कि राजनीतिक दुश्मनी थी और हत्या का उद्देश्य था, फिर भी सब निर्दोष! जब मैं खुद सांसद होकर अपने परिवार को न्याय नहीं दिला सकता, तो आम लोगों का क्या? लोग कहते हैं कि पूरे महाराष्ट्र में मेरी एक अच्छी छवि है, लेकिन क्या मैं सिर्फ छवि बचाने के लिए सांसद बना हू? मैं इन लोगों को सबक सिखाने के लिए आया हूं.”
मैं जो भी फैसला लूंगा, उसमें मुझे आप सबकी सख्त जरूरत है. कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या मैं उनके साथ अगल-बगल बैठूंगा? मैं उनके साथ नहीं बैठूंगा, बल्कि उनकी छाती पर सवार होकर उन्हें जवाब दूँगा, मैं इसी के लिए यह फैसला ले रहा हूँ. मैं कभी भी समझौता नहीं करूँगा और उस परिवार के लिए कभी वोट नहीं मांगूंगा.”
सत्ता का मार्ग अपनाएंगे-ओमराजे निंबालकर
शिवसेना (शिंदे गुट) में ओमराजे निंबालकर की एंट्री फाइनल होने से पहले उन्होंने अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों के साथ बैठक की. कहा कि “सीमित संसाधनों के साथ कब तक लड़ते रहेंगे?” सत्ता का मार्ग अपनाएंगे . महाराष्ट्र की राजनीति की नब्ज समझने वालों का कहना है कि 20 साल के संघर्ष और न्याय न मिलने का दर्द बयां कर ओमराजे ने शिंदे गुट में जाने का फैसला किया है.
कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद क्या बोले ओमराजे निंबालकर?
उन्होंने कहा कि हमने सभी की राय जानी है. हमारे वफादार और जान-छिड़कने वाले कार्यकर्ताओं के यही सुझाव थे. स्थानीय निकाय चुनावों में हमें सफलता नहीं मिली और अच्छा काम करने वाले कार्यकर्ता हार गए. हम यहां आम आदमी के काम के लिए बैठे हैं, लेकिन एक साधारण ट्रांसफार्मर तक नहीं लगवाया जा पा रहा था. इसलिए, अब हम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में काम करेंगे.
दुर्भाग्य से फैसला हमारे खिलाफ आया
ओमराजे निंबालकर ने कहा कि मैं राजनीति में इसलिए आया था ताकि बुरी मानसिकता वाले लोग राजनीति के मंच पर न रहें. हमें यहां से न्याय नहीं मिल रहा है. इसलिए जांच CBI से करवाने के लिए हमने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हमें मेरिट पर फैसले की उम्मीद थी, लेकिन दुर्भाग्य से फैसला हमारे खिलाफ आया. यह फैसला कलंबोली पुलिस की जांच पर आधारित था. पवनराजे के जाने के बाद हमें जो दुख सहना पड़ा था, कल फैसला आने पर भी हमें वैसा ही गहरा दुख हुआ.
एकनाथ शिंदे ने करवाई शाह व फडणवीस से बात
ओमराजे निम्बालकर ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने फोन पर देवेंद्र फडणवीस और अमित शाह से मेरी बात करवाई. हम केवल न्याय मांग रहे हैं, और कुछ नहीं. हमारी बस इतनी ही उम्मीद है कि हमें मेरिट पर न्याय मिले. बुरी प्रवृत्तियों को राजनीति से बाहर निकालने के लिए हम हमेशा संघर्ष करते रहेंगे. अगर किसी को लगता है कि सत्ता में उनके साथ आने पर हम शांत बैठ जाएंगे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. ओमराजे पैसों के लिए कभी कहीं नहीं जाएगा. ओमराजे निंबालकर ने कहा कि मेरा कोई निजी स्वार्थ या काम नहीं है. ऐसा भी नहीं है कि मुझ पर ED या CBI की कोई छापेमारी हुई है. इसलिए मैं यह फैसला ले रहा हूं. मैं आम लोगों के बीच रहकर काम करने वाला इंसान हूं.
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लेखक के बारे में
पूजा भारद्वाज
Associate Editor -Current Affairs, News Input
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