गाजियाबाद में ‘द केरल स्टोरी’ जैसा केस! इंदौर की BBA छात्रा से 14 साल तक हैवान‍ियत, कई बार हलाला

गाजियाबाद में 'द केरल स्टोरी' जैसा केस! इंदौर की BBA छात्रा से 14 साल तक हैवान‍ियत, कई बार हलाला गाजियाबाद में 'द केरल स्टोरी' जैसा केस! इंदौर की BBA छात्रा से 14 साल तक हैवान‍ियत, कई बार हलाला

उत्‍तर प्रदेश के गाजियाबाद में ‘द केरल स्टोरी’ जैसा ही एक खौफनाक मामला प्रकाश में आया है, जिसे अब ‘यूपी स्टोरी’ के रूप में देखा जा रहा है. इंदौर की रहने वाली एक बीबीए छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे एक संगठित गैंग द्वारा पिछले 14 सालों से नरक जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया गया. पीड़िता को इंदौर से लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और राजस्थान के मदरसों में कैद रखा गया, जहां उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया.

फेसबुक की दोस्ती और पहचान का धोखा

पीड़िता के अनुसार, यह कहानी साल 2012 में शुरू हुई जब फेसबुक पर उसकी मुलाकात नवीन राना नाम के एक युवक से हुई. दोनों के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और बात शादी तक पहुंच गई. नवीन उसे मिलने इंदौर आया और शादी का झांसा देकर उसे दिल्ली चलने को कहा. नवीन के कहने पर पीड़िता अपना फोन घर पर ही छोड़ आई और नवीन द्वारा दिए गए फोन का इस्तेमाल करने लगी. नवीन ने अपने दोस्त वसीम को उसे लेने भेजा, जो उसे इंदौर से हजरत निजामुद्दीन लेकर आया. वहां वसीम उसे छोड़कर चला गया और उसे नवीन (असली नाम नावेद) मिला.

मदरसे में कैद और जबरन धर्म परिवर्तन

आरोप है क‍ि नावेद उसे घर ले जाने के बजाय मुजफ्फरनगर के एक ऐसे मदरसे में ले गया जिसका दरवाजा हमेशा बंद रहता था. जब पीड़िता ने विरोध किया और हंगामा किया, तो नावेद ने अपनी असली पहचान उजागर करते हुए बताया कि वह मुस्लिम है और जब तक वह इस्लाम नहीं अपनाएगी, वह शादी नहीं करेगा. पीड़िता को वहां हिंदी की एक किताब दी गई जिसमें नमाज का तरीका था. पीड़िता ने बताया कि अगर वे नमाज नहीं पढ़ते थे, तो उन्हें खाना तक नहीं दिया जाता था. मजबूरी में उसने यह सब करना शुरू किया.

मेरठ का टॉर्चर और ब्राह्मण छात्रा को जबरन नॉनवेज

आरोप है क‍ि मुजफ्फरनगर के बाद उसे मेरठ के मदरसे ले जाया गया, जहां असली प्रताड़ना शुरू हुई. सुबह 4 बजे नमाज के लिए उठाना और कुरान पढ़ाना अनिवार्य था. पीड़िता ने बताया कि वह ब्राह्मण परिवार से है और उसने कभी जीवन में नॉनवेज नहीं खाया था, लेकिन वहां रात के खाने में जबरन नॉनवेज दिया जाता था. उस मदरसे में कई अन्य हिंदू लड़कियां भी थीं, लेकिन उन्हें इस तरह रखा जाता था कि कोई भी एक-दूसरे से बात न कर सके.

निकाह, तलाक और हलाला का अंतहीन चक्र

पीड़िता की जिंदगी को एक वस्तु की तरह इस्तेमाल किया गया. सबसे पहले उसका निकाह उम्रदराज अब्दुल रहमान से कराया गया, जो उसे खतौली ले गया. वहां उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. जब उसने भागने की कोशिश की, तो उसे पकड़कर जयपुर के एक मदरसे में डाल दिया गया. साल 2014 के मध्य में अब्दुल रहमान ने उसे फोन पर तलाक दे दिया. इसके बाद, जयपुर में उसका पहली बार हलाला करवाया गया और फिर मुदस्सिर पठान से निकाह करा दिया गया. मुदस्सिर की गुजरात में मौत के बाद उसे फिर से बेसहारा छोड़ दिया गया.

लोनी के खालिद और जीजा के साथ हलाला का आरोप

अंत में, 2021 में गाजियाबाद के लोनी निवासी खालिद हुसैन ने खुद को कुंवारा बताकर पीड़िता से निकाह किया. यह निकाह जमात-उलेमा-ए-हिंद ने करवाया था. बाद में पता चला कि खालिद पहले से शादीशुदा था. जब पीड़िता ने विरोध किया, तो 2022 में खालिद ने भी उसे तलाक दे दिया. पीड़िता जब पुलिस के पास जाने लगी, तो खालिद के परिजनों ने उसे रोका और कहा कि हलाला के बाद सब ठीक हो जाएगा. आरोप है कि इसके बाद खालिद ने जबरन अपने जीजा के साथ पीड़िता का हलाला करवाया.

अंकुर विहार थाने में मुकदमा दर्ज

वर्षों तक प्रताड़ना झेलने और दर-दर भटकने के बाद, पीड़िता की शिकायत पर अब लोनी के अंकुर विहार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. सिद्दार्थ गौतम एसीपी लोनी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुख्य आरोपी खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया है. उस पर रेप, जान से मारने की धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों और इस पूरी साजिश में शामिल लोगों की तलाश में जुटी है.

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