Delhi News: राजधानी दिल्ली में प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही का एक और भयावह मामला सामने आया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा खुले नालों को लेकर दी गई सख्त चेतावनी और कड़े निर्देशों के बावजूद अधिकारी ‘कुंभकर्णी नींद’ से जागने को तैयार नहीं हैं. ताजा घटना दिल्ली के आदर्श नगर इलाके की है, जहां दिल्ली जल बोर्ड की घोर लापरवाही के कारण 11 वर्षीय मासूम आहिल की नाले में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. (अनिल कुमार अत्री की रिपोर्ट)
भ्रम बना मौत का कारण
हादसा मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक नाले में हुआ. बताया जा रहा है कि इस नाले में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का साफ पानी मिलाया जाता है, जिससे पानी ऊपर से स्वच्छ दिखाई देता है. इसी भ्रम में बच्चे अक्सर वहां नहाने पहुंच जाते हैं. कक्षा छठी का छात्र आहिल अपने करीब 8 दोस्तों के साथ वहां गया था, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा न होने के कारण वह गहरे पानी में समा गया.
सुरक्षा मानकों की धज्जियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस जगह से बच्चे और जानवर आसानी से नाले तक पहुंच रहे हैं, वहां न तो कोई दीवार बनाई गई है और न ही बैरिकेडिंग की गई है. इतना संवेदनशील इलाका होने के बाद भी वहां किसी सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं है. मुख्यमंत्री ने हाल ही में अधिकारियों को खुले नालों की सुरक्षा पुख्ता करने का आदेश दिया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने इन आदेशों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे के बाद आहिल के परिवार में मातम पसरा है. परिजनों ने सीधे तौर पर प्रशासन को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि अगर समय रहते घेराबंदी की गई होती, तो आज उनका बच्चा जीवित होता. फिलहाल इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है और वे दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
परिजनों का पक्ष
एनडीटीवी से बातचीत में मृतक के परिजन फजलु ने बताया कि दोपहर करीब 1-2 बजे के आसपास बच्चे खेलते हुए जहांगीरपुरी पार्क के पास स्थित नहर (नाले) पर नहाने चले गए थे. जब घर के लोग सो रहे थे, तभी आहिल के साथ गए बच्चों ने वापस आकर बताया कि वह पानी में डूब गया है. 11 वर्षीय आहिल छठी कक्षा में पढ़ता था और उसके परिवार में अब पिता, भाई और बहन हैं (मां का देहांत पहले ही हो चुका है). फजलु ने आगे बताया कि पुलिस प्रशासन सहयोग कर रहा है और फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है.


