भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर नई दिल्ली में निर्णायक दौर की बातचीत चल है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को भारत पहुंचे, जहां दोनों देश अगले महीने लागू होने वाली महत्वपूर्ण टैरिफ समयसीमा से पहले इस समझौते के पहले चरण के फ्रेमवर्क (अंतरिम समझौते) को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं.
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की पोस्ट को साझा करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया. पीयूष गोयल ने लिखा, ‘यूएस ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और प्रतिनिधिमंडल का भारत के वाणिज्य विभाग में स्वागत है. भारत-अमेरिका के बीच आगामी चर्चा में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सार्थक बातचीत होने की उम्मीद है.’
वहीं, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस बैठक पर खुशी जताते हुए ‘X’ पर लिखा, ‘आज नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और यूएस ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ मिलकर अच्छा लगा. अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को अंतिम रूप देने पर बातचीत जारी है.’
इससे पहले गोर ने कहा था कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई दौर की बैठकें करेंगे, ताकि महत्वाकांक्षी व्यापार एजेंडे को आगे बढ़ाया जा सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मजबूत समझौते से दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर खुलेंगे और रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी.
फरवरी 2026 के फ्रेमवर्क पर आगे बढ़ रही है बात
मंत्रिस्तरीय स्तर की ये दो दिवसीय बैठक (मंगलवार और बुधवार) भारत और अमेरिका के बीच चल रही अंतरिम व्यापार समझौते की बातचीत का हिस्सा है. इससे पहले दोनों देशों ने 7 फरवरी, 2026 को एक संयुक्त बयान जारी कर पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार के संबंध में एक अंतरिम समझौते के ढांचे (फ्रेमवर्क) पर सहमति व्यक्त की थी. USTR जेमिसन ग्रीर का यह दौरा इसी फरवरी 2026 के फ्रेमवर्क के आधार पर भारत-अमेरिका अंतरिम समझौते की व्यापक रूपरेखा तय करने का एक ठोस प्रयास है.
इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर हो रही चर्चा
इस वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है. इसमें वस्तुओं का व्यापार (Trade in Goods), गैर-टैरिफ उपाय (Non-Tariff Measures), सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा (Customs and Trade Facilitation), आर्थिक सुरक्षा संरेखण (Economic Security Alignment) तथा आपसी हित के अन्य क्षेत्र शामिल रहेंगे. माना जा रहा है कि यह अंतरिम समझौता भविष्य में एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते का रास्ता तैयार करेगा.
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