आज केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ रहे हैं, अभी तक के शुरुआती रुझानों में लेफ्ट का किला ढहता दिख रहा है. चुनाव के नतीजे जब घोषित हो रहे हैं, तब राज्य की राजनीति की दिशा तय करने वाली कुछ हाई‑प्रोफाइल सीटों पर खास नजरें टिकी हुई है. एक तरफ मुख्यमंत्री से लेकर दिग्गज नेताओं तक की सियासी साख इन सीटों से जुड़ी है. धर्मडम, नेमोम, पेरावूर, त्रिशूर, हरिपद और मट्टन्नूर उन प्रमुख सीटों में शामिल हैं, जिनके नतीजे चुनावी तस्वीर को साफ कर सकते हैं.
धर्मडम (Dharmadam)
धर्मडम केरल की सबसे अहम सीटों में से एक मानी जाती है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की परंपरागत सीट रही है. यहां का परिणाम सीधे तौर पर वाम मोर्चे और मुख्यमंत्री की राजनीतिक पकड़ का संकेत माना जाता है. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, जो धर्मडम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्होंने शुरुआती दौर में बढ़त दर्ज की है, जिससे इस सीट पर वाम मोर्चे की पकड़ और मजबूत होती दिख रही है. इसके अलावा मट्टन्नूर, कुत्तुपरम्बा और थलस्सेरी की अपनी पारंपरिक सीटों पर भी एलडीएफ आगे बना हुआ है.
केरल की हाई‑प्रोफाइल सीटें: किसके बीच मुकाबला
पिनराई विजयन – CPI(M) / LDF (मुख्यमंत्री)
एडवोकेट वी.पी. अब्दुल रशीद – कांग्रेस / UDF
के. रंजीथ – भाजपा / NDA
मुख्य मुकाबला: पिनराई विजयन बनाम कांग्रेस, भाजपा तीसरा प्रमुख दल
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नेमोम (Nemom)
नेमोम सीट इस बार भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी हुई है क्योंकि यहां भाजपा की ओर से राजीव चंद्रशेखर मैदान में हैं. त्रिशूर से पिछली बार भाजपा की लोकसभा जीत के बाद नेमोम को पार्टी की राज्य राजनीति में आगे की राह के तौर पर देखा जा रहा है, इसलिए यहां का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है. केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों में नेमोम सीट से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बढ़त हासिल कर ली है. जैसे‑जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ रही है, यह बढ़त भाजपा के लिए इस अहम और हाई‑प्रोफाइल सीट पर शुरुआती मजबूती का संकेत मानी जा रही है.
नेमोम (Nemom)
राजीव चंद्रशेखर – भाजपा / NDA
वी. शिवनकुट्टी – CPI(M) / LDF (मौजूदा विधायक)
एडवोकेट के.एस. सबरीनाथन – कांग्रेस / UDF
त्रिकोणीय मुकाबला—भाजपा, वाम और कांग्रेस आमने‑सामने
पेरावूर (Peravoor)
कन्नूर ज़िले की पेरावूर सीट पर इस चुनाव में हाई‑वोल्टेज मुकाबला है. माकपा की प्रमुख नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा इस सीट पर आगे चल रही हैं. यहां उनका सामना यूडीएफ के उम्मीदवार और केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ से है. यह सीट सीधे एलडीएफ और यूडीएफ की ताकत की परीक्षा मानी जा रही है.
के.के. शैलजा – CPI(M) / LDF
सनी जोसेफ – कांग्रेस / UDF (केपीसीसी अध्यक्ष, मौजूदा विधायक)
सीधा एलडीएफ बनाम यूडीएफ मुकाबला, सबसे हाई‑वोल्टेज सीटों में एक
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त्रिशूर (Thrissur)
केरल की त्रिशूर सीट भी इस बार खास चर्चा में ह. यहां से भाजपा नेता सुरेश गोपी की लोकसभा जीत के बाद यह विधानसभा सीट भी हाई‑प्रोफाइल बन चुकी है. विधानसभा स्तर पर यहां के नतीजे सियासी संतुलन के लिहाज से अहम रहेंगे.
पद्मजा वेणुगोपाल – भाजपा / NDA
राजन जे. पल्लन – कांग्रेस / UDF
अलंकोडे लीलाकृष्णन – CPI / LDF
तीन‑कोणीय लड़ाई, लोकसभा में भाजपा की जीत के बाद फोकस में
हरिपद (Haripad)
हरिपद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला आगे चल रहे हैं. इस सीट पर आने वाला फैसला कांग्रेस नेतृत्व और संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है.
रमेश चेन्नीथला – कांग्रेस / UDF (पूर्व नेता प्रतिपक्ष)
टी.टी. जिज्मोन – CPI / LDF
संदीप वाचस्पति – भाजपा / NDA
मुख्य मुकाबला: चेन्नीथला बनाम वाम, भाजपा चुनौतीकर्ता
मट्टन्नूर (Mattannur)
मट्टन्नूर को के.के. शैलजा की पारंपरिक सीट माना जाता रहा है. पेरावूर से उनके चुनाव लड़ने के बाद मट्टन्नूर की सियासी तस्वीर भी चर्चा में है और यहां के नतीजों पर भी राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं. इन सभी सीटों पर आज आने वाले नतीजे न सिर्फ हार‑जीत तय करेंगे, बल्कि यह भी संकेत देंगे कि केरल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ रही है.
वी.के. सनोझ – CPI(M) / LDF
चंद्रन थिल्लंकेरी – कांग्रेस / UDF
बिजू एलक्कुझी – भाजपा / NDA
एलडीएफ‑यूडीएफ‑भाजपा के बीच त्रिकोणीय टक्कर, शैलजा के सीट छोड़ने के बाद खास चर्चा


