TRE-4 का विज्ञापन आखिर क्यों अटका? जानिए BPSC भर्ती में देरी की इनसाइड स्टोरी

TRE-4 का विज्ञापन आखिर क्यों अटका? जानिए BPSC भर्ती में देरी की इनसाइड स्टोरी TRE-4 का विज्ञापन आखिर क्यों अटका? जानिए BPSC भर्ती में देरी की इनसाइड स्टोरी

TRE-4 Protest 2026 : बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. हजारों की संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी ने पटना की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. अभ्यर्थियों की मांग सिर्फ एक है जल्द से जल्द TRE-4 का विज्ञापन जारी किया जाए. लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से लाखों युवाओं में नाराजगी है. हालात ऐसे हो गए कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज तक कर दिया और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया.

पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा आक्रोश

TRE-4 की मांग को लेकर राजधानी पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया. इस दौरान कई छात्रों को चोटें आईं. 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि करीब 5000 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की गई है. इस कार्रवाई के बाद छात्रों में सरकार और आयोग के खिलाफ नाराजगी और बढ़ गई है.

दो साल से भर्ती का इंतजार

TRE-4 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से शिक्षक भर्ती परीक्षा के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार TRE-4 की परीक्षा 24 अगस्त 2024 को होनी थी और रिजल्ट 24 सितंबर 2024 तक जारी होना था. लेकिन अब तक विज्ञापन तक जारी नहीं किया गया.

बीपीएससी ने फरवरी के दूसरे सप्ताह में एक नोटिस जारी कर कहा था कि अधियाचना मिल चुकी है और जल्द ही TRE-4 का विज्ञापन जारी किया जाएगा. इसके बाद आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि 19-20 अप्रैल तक नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा और 26 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. लेकिन दोनों तारीखें गुजर गईं और कोई आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं हुआ.

लगातार हो रहे प्रदर्शन

TRE-4 की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने पिछले दो साल में कई बड़े आंदोलन किए हैं. सिर्फ पटना में ही सात बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं. विधानसभा चुनाव के बाद भी चार बार छात्र सड़कों पर उतर चुके हैं.

चुनाव के बाद हुए प्रदर्शन

  • 9 फरवरी 2026
  • 18 मार्च 2026
  • 10 अप्रैल 2026
  • 8 मई 2026

चुनाव से पहले हुए प्रदर्शन

  • 8 सितंबर 2025
  • 19 सितंबर 2025
  • 4 अक्टूबर 2025

इसके अलावा STET परीक्षा आयोजित कराने की मांग को लेकर भी दो बड़े प्रदर्शन हुए थे.

उम्र सीमा खत्म होने का डर

अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी चिंता उम्र सीमा को लेकर है. छात्रों का कहना है कि भर्ती में लगातार हो रही देरी की वजह से हजारों उम्मीदवार ओवरएज हो जाएंगे और फॉर्म भरने से वंचित रह जाएंगे. यही कारण है कि छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं.

आखिर कहां फंस रहा है मामला?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अधियाचना मिल चुकी है तो TRE-4 का विज्ञापन क्यों नहीं जारी हो रहा?

दरअसल, इसकी सबसे बड़ी वजह BPSC द्वारा परीक्षा पैटर्न में किया जा रहा बड़ा बदलाव बताया जा रहा है. बिहार लोक सेवा आयोग अब अपनी परीक्षाओं को पूरी तरह नए प्रारूप में आयोजित करने की तैयारी कर रहा है.

BPSC बदल रहा है परीक्षा पैटर्न

आयोग ने फैसला लिया है कि अब कोई भी बड़ी परीक्षा एक ही चरण में आयोजित नहीं होगी. नई व्यवस्था के तहत परीक्षाएं कम से कम दो चरणों में कराई जाएंगी.

यानी अब शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों को दो स्तर की परीक्षा पास करनी पड़ सकती है 

1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)

2. मुख्य परीक्षा (Mains)

इसी नए पैटर्न को अंतिम रूप देने में समय लग रहा है, जिसके कारण TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं हो पा रहा है.

पारदर्शिता और कदाचार रोकने की तैयारी

बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा है कि आयोग परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाना चाहता है. इसी उद्देश्य से परीक्षा प्रारूप में बदलाव किया जा रहा है.

आयोग का मानना है कि एक चरण में होने वाली बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ी की आशंका अधिक रहती है. इसलिए अब प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की व्यवस्था लागू करने पर काम चल रहा है.

छात्रों की मांग क्या है?

अभ्यर्थियों की मांग है कि 

  • TRE-4 का विज्ञापन तुरंत जारी किया जाए
  • उम्र सीमा में छूट दी जाए
  • परीक्षा कैलेंडर का पालन हो
  • भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए
  • भर्ती में अनावश्यक देरी बंद हो

अब आगे क्या?

फिलहाल लाखों अभ्यर्थियों की नजर BPSC और बिहार सरकार पर टिकी है. यदि आयोग जल्द नया परीक्षा पैटर्न लागू कर देता है, तो TRE-4 का विज्ञापन कभी भी जारी हो सकता है. लेकिन अगर प्रक्रिया और लंबी खिंची, तो छात्रों का आंदोलन और तेज होने की संभावना है. बिहार में शिक्षक भर्ती का मुद्दा अब सिर्फ रोजगार का नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है.

यह भी पढ़ें- नौकरी की जगह मिली लाठियां: TRE 4 नोटिफिकेशन की मांग और छात्र नेता दिलीप की गिरफ्तारी

छात्रों या फिर अभ्यर्थियों की ऐसी ही मांगों या फिर समस्याओं को एनडीटीवी जोरदार तरीके से उठा रहा है. किसी भी छात्र, अभ्यर्थी या फिर उनके पेरेंट्स को अगर कोई भी समस्या है तो वो हमें बता सकते हैं. इसके लिए उन्हें educationkhabar@ndtv.com पर मेल करना होगा. इस मेल के साथ अपना नाम और मोबाइल नंबर भी भेजें, जिसके बाद हम आपसे संपर्क करेंगे और आपकी आवाज को लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे. 





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